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CM Sai's major announcement on Independence Day: Toilets for girls to be built in 6,671 schools; AI Mission gets approval for ₹500 crore.
रायपुर। 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राजधानी रायपुर के पुलिस परेड ग्राउंड में आयोजित मुख्य समारोह में ध्वजारोहण किया। इस दौरान उन्होंने प्रदेशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ अब नक्सलवाद से निकलकर शांति, विकास और समृद्धि की नई यात्रा पर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने विकसित भारत के संकल्प में विकसित छत्तीसगढ़ की महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर दिया।
मुख्यमंत्री ने स्वतंत्रता संग्राम के सेनानियों और शहीदों को नमन करते हुए कहा कि आजादी का यह पर्व देश के गौरवशाली इतिहास से प्रेरणा लेने और विकसित भारत के निर्माण का संकल्प मजबूत करने का अवसर है। उन्होंने महात्मा गांधी, नेताजी सुभाष चंद्र बोस, डॉ. भीमराव अंबेडकर, वीर सावरकर सहित छत्तीसगढ़ के जननायकों को भी श्रद्धांजलि दी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि नक्सलवाद के खिलाफ मिली सफलता के बाद बस्तर में अब शांति, विश्वास और विकास की नई सुबह हुई है। उन्होंने कहा कि बस्तर के नवनिर्माण का यह स्वर्णिम समय है और सरकार की प्राथमिकता यहां के हर व्यक्ति तक विकास की योजनाओं को पहुंचाना है।
उन्होंने बताया कि ‘नियद नेल्ला नार 2.0’ और ‘बस्तर मुन्ने अभियान’ के जरिए 31 योजनाओं और 14 सामुदायिक सुविधाओं का लाभ बस्तर संभाग के 39 लाख से अधिक लोगों तक पहुंचाया जा रहा है। बंद पड़े स्कूलों को दोबारा शुरू करने के साथ 36 नए स्कूल स्वीकृत किए गए हैं। ओरछा और जगरगुंडा जैसे दूरस्थ क्षेत्रों में एजुकेशन सिटी विकसित की जा रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों का सुख, सम्मान और समृद्धि सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। प्रदेश में किसानों से 3,100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से 21 क्विंटल प्रति एकड़ के मान से धान खरीदा जा रहा है। वहीं फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने के लिए दलहन, तिलहन, मक्का, कोदो, कुटकी और रागी जैसी फसलों के लिए 15 हजार रुपये की आदान सहायता देने का निर्णय लिया गया है।

सिंचाई सुविधाओं के विस्तार के लिए 11 हजार करोड़ रुपये से अधिक की मंजूरी का भी मुख्यमंत्री ने उल्लेख किया। सिकासार-कोडार नहर लिंकिंग परियोजना के लिए 3,047 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘मोदी की गारंटी’ के अनुरूप प्रदेश में हर जरूरतमंद परिवार को पक्का आवास उपलब्ध कराने का काम तेजी से चल रहा है। अब तक 24 लाख 50 हजार आवास स्वीकृत किए जा चुके हैं और प्रदेश में प्रतिदिन औसतन 1,600 घर बनाए जा रहे हैं।
उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना और मुख्यमंत्री खाद्यान्न सहायता योजना के माध्यम से 73 लाख परिवारों को निशुल्क खाद्यान्न उपलब्ध कराया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने ‘महतारी वंदन योजना’ को महिला सशक्तीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। उनके अनुसार योजना के तहत अब तक 19,444 करोड़ रुपये महिलाओं के खातों में अंतरित किए गए हैं और प्रदेश में 13 लाख 85 हजार महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं।
उन्होंने जनजातीय क्षेत्रों में प्रधानमंत्री जनमन योजना और ‘धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान’ के तहत किए जा रहे कार्यों की भी जानकारी दी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं के लिए रोजगार, शिक्षा, कौशल, खेल और नवाचार के नए अवसर तैयार किए जा रहे हैं। पुलिस में 7 हजार युवाओं की भर्ती की गई है, जबकि शिक्षक एवं सहायक शिक्षक के 3,946 और बिजली कंपनियों में 1,235 पदों पर भर्ती प्रक्रिया आगे बढ़ रही है।

प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए ‘सीजी असिस्टेंस फॉर कॉम्पिटिटिव एग्जाम’ योजना शुरू करने की घोषणा भी की गई। अग्निवीरों को पुलिस आरक्षक, वनरक्षक और जेल प्रहरी की सीधी भर्ती में 10 प्रतिशत आरक्षण देने का निर्णय भी बताया गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भविष्य की अर्थव्यवस्था के लिए छत्तीसगढ़ को तैयार करने के उद्देश्य से 500 करोड़ रुपये के ‘छत्तीसगढ़ राज्य एआई मिशन’ को मंजूरी दी गई है। इसके तहत 100 एआई डेटा लैब, पांच सेंटर ऑफ एक्सीलेंस और 50 से अधिक एआई आधारित सेवाएं विकसित की जाएंगी।
करीब छह लाख विद्यार्थियों और डेढ़ लाख सरकारी कर्मचारियों को एआई का प्रशिक्षण देने की योजना है। साथ ही स्टार्टअप को बढ़ावा देने के लिए 100 करोड़ रुपये का स्टार्टअप फंड बनाया गया है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि इन्वेस्टर कनेक्ट कार्यक्रमों के जरिए अब तक 8 लाख 23 हजार करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इनसे करीब 1 लाख 74 हजार रोजगार के अवसर सृजित होने की संभावना है।
नवा रायपुर में प्रदेश की पहली गारमेंट इकाई से 4,600 से अधिक युवाओं को रोजगार मिलने की संभावना जताई गई। इसके अलावा प्रदेश में 23 नए औद्योगिक क्षेत्र विकसित किए जा रहे हैं।
स्वतंत्रता दिवस समारोह में मुख्यमंत्री ने ‘मेरी बेटी-मेरा अभिमान’ अभियान शुरू करने की घोषणा की। इसके तहत प्रदेश के 6,671 शासकीय विद्यालयों में बेटियों के लिए शौचालय बनाए जाएंगे।
उन्होंने ‘विकसित भारत-जी राम जी योजना’ के जरिए प्रदेश के 6,524 गांवों में मुक्तिधाम और प्रतीक्षालय बनाए जाने की भी जानकारी दी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में सड़क, रेल, बिजली और डिजिटल कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए कई बड़ी परियोजनाओं पर काम चल रहा है। रायपुर-विशाखापट्टनम एक्सप्रेसवे, रायपुर-धनबाद इकोनॉमिक कॉरिडोर और रावघाट-जगदलपुर रेल नेटवर्क को प्रदेश के आर्थिक विकास के लिए महत्वपूर्ण बताया।
उन्होंने बताया कि दूरस्थ क्षेत्रों में 829 मोबाइल टावर स्थापित किए गए हैं और भारतनेट 3.0 के जरिए 5,659 ग्राम पंचायतों को हाईस्पीड इंटरनेट से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है।

मुख्यमंत्री ने बस्तर और सरगुजा में पर्यटन सुविधाओं के विस्तार की बात कही। चित्रकोट को ग्लोबल टूरिस्ट डेस्टिनेशन के रूप में विकसित करते हुए वहां टेंट सिटी बनाने की योजना है। वहीं सिरपुर को विश्व धरोहर स्थल के मानकों के अनुरूप विकसित किया जाएगा।
छत्तीसगढ़ी सिनेमा को बढ़ावा देने के लिए ‘चित्रोत्पला फिल्म सिटी’ के निर्माण और लोककला के क्षेत्र में ‘डॉ. तीजन बाई लोककला अलंकरण’ शुरू करने का भी ऐलान किया गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आर्थिक और अधोसंरचनात्मक विकास के साथ पर्यावरण संरक्षण भी सरकार की प्राथमिकता है। ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत प्रदेश में अब तक सात करोड़ से अधिक पौधे लगाए जाने की जानकारी उन्होंने दी।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अपने संबोधन के अंत में कहा कि विकसित भारत और विकसित छत्तीसगढ़ का निर्माण सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने प्रदेशवासियों से एकजुट होकर राज्य और देश के उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता के मूल्यों से प्रेरणा लेकर और ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास’ की भावना के साथ छत्तीसगढ़ को विकसित भारत के संकल्प में महत्वपूर्ण भागीदार बनाया जाएगा।