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100 crore scam: Compensation looted in Bharatmala project, ED raids cause panic
रायपुर। विशाखापट्टनम तक बन रहे भारतमाला प्रोजेक्ट में मुआवजे के नाम पर बड़ा खेल सामने आया है। प्रवर्तन निदेशालय यानी Enforcement Directorate ने इस मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए भाजपा और कांग्रेस से जुड़े लोगों के 8 ठिकानों पर छापेमारी की। इस कार्रवाई में 66.9 लाख रुपए नकद और 37.13 किलो चांदी की सिल्लियां जब्त की गई हैं, जिससे पूरे मामले की गंभीरता साफ नजर आ रही है।
32 करोड़ से शुरू हुआ खेल, 100 करोड़ तक पहुंचा घोटाला
शुरुआत में यह घोटाला करीब 32 करोड़ रुपए का सामने आया था, लेकिन जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ी, इसका दायरा बढ़कर 100 करोड़ रुपए तक पहुंच गया। जांच एजेंसियों के मुताबिक यह कोई साधारण गड़बड़ी नहीं, बल्कि पूरी तरह सुनियोजित घोटाला है, जिसमें जमीन अधिग्रहण से पहले ही अंदर की जानकारी लीक कर दी जाती थी।
राजस्व अफसरों से लेकर दलालों तक गठजोड़
जांच में खुलासा हुआ है कि इस घोटाले में पटवारी, तहसीलदार और एसडीएम स्तर तक के अधिकारी शामिल हैं। इन अधिकारियों ने प्रॉपर्टी डीलरों और बिचौलियों के साथ मिलकर जमीन की खरीद-फरोख्त में हेरफेर किया और बाद में फर्जी तरीके से मुआवजा पास कराया। कई मामलों में जमीन पहले खरीदी गई, फिर उसका बंटवारा कर अधिक मुआवजा लिया गया।
छापेमारी में नकदी, चांदी और अहम दस्तावेज बरामद
ईडी की टीम ने अभनपुर के कारोबारी गोपाल गांधी समेत कई लोगों के ठिकानों पर दबिश दी। कार्रवाई के दौरान डिजिटल डिवाइस, संपत्ति से जुड़े दस्तावेज और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य भी जब्त किए गए। छापेमारी के दौरान कुछ आरोपियों द्वारा टीम के साथ अभद्रता और धक्का-मुक्की की घटना भी सामने आई, जिस पर पुलिस ने मामला दर्ज किया है।
12 से ज्यादा गिरफ्तार, कई आरोपी फरार
अब तक इस मामले में 12 से अधिक लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। इनमें पटवारी, अधिकारी और अन्य संबंधित लोग शामिल हैं। वहीं कई आरोपी अभी फरार बताए जा रहे हैं, जिन्हें नोटिस जारी कर तलाश की जा रही है।
12 जिलों तक फैली जांच, रायपुर में सबसे ज्यादा गड़बड़ी
इस घोटाले की जांच अब रायपुर से निकलकर 11 अन्य जिलों तक फैल चुकी है, जिनमें धमतरी, कांकेर, बस्तर, बिलासपुर, रायगढ़, जशपुर, सरगुजा और दुर्ग जैसे जिले शामिल हैं। सबसे ज्यादा अनियमितताएं रायपुर में सामने आई हैं, जहां बैकडेट में सीमांकन कर मुआवजा पास कराया गया।
चार्जशीट की तैयारी, बड़े खुलासों के संकेत
आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो यानी Economic Offences Wing इस मामले की जांच अंतिम चरण में है और जल्द ही कोर्ट में चार्जशीट पेश की जा सकती है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इस घोटाले से जुड़े और बड़े नाम सामने आ सकते हैं।
यह मामला सिर्फ भ्रष्टाचार नहीं, बल्कि सिस्टम की कमजोरियों और अंदरूनी मिलीभगत का बड़ा उदाहरण बनकर उभरा है, जिसने विकास परियोजना को ही लूट का जरिया बना दिया।