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CG News: CM Sai launches 'Seva Setu', now 441 government services on a single digital platform
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज नवा रायपुर स्थित मंत्रालय महानदी भवन से चिप्स (CHiPS) द्वारा विकसित ई-डिस्ट्रिक्ट परियोजना के उन्नत संस्करण ‘सेवा सेतु’ का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री अरुण साव और विजय शर्मा सहित मंत्रिमंडल के सभी मंत्री मौजूद रहे।
‘सेवा सेतु’ बनेगा सुशासन का नया डिजिटल माध्यम
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आधुनिक तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के उपयोग से राज्य की डिजिटल नागरिक सेवाएं और अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनेंगी। उन्होंने कहा कि चॉइस (CHOICE) मॉडल से शुरू हुई डिजिटल प्रशासन की यात्रा अब ‘सेवा सेतु’ के रूप में नागरिक सशक्तिकरण का मजबूत माध्यम बन चुकी है।
उन्होंने बताया कि इस प्लेटफॉर्म पर अब 441 शासकीय सेवाएं उपलब्ध होंगी, जिनमें 54 नई और 329 री-डायरेक्ट सेवाएं शामिल हैं। आय, जाति, निवास, राशन कार्ड और विवाह पंजीयन जैसे प्रमाण-पत्रों सहित अब तक 3.2 करोड़ से अधिक ट्रांजेक्शन किए जा चुके हैं।

व्हाट्सएप से आवेदन, प्रमाण-पत्र और ट्रैकिंग की सुविधा
‘सेवा सेतु’ की सबसे बड़ी विशेषता इसका व्हाट्सएप इंटीग्रेशन है। नागरिक अब व्हाट्सएप के माध्यम से आवेदन कर सकेंगे, सेवा की स्थिति जान सकेंगे और डिजिटल हस्ताक्षरित प्रमाण-पत्र सीधे अपने मोबाइल पर प्राप्त कर सकेंगे। फिलहाल यह सुविधा 25 सेवाओं के लिए उपलब्ध है, जिसे जल्द सभी सेवाओं तक विस्तारित किया जाएगा।
AI, आधार और डिजिलॉकर से जुड़ी स्मार्ट सेवाएं
नई प्रणाली में AI, आधार आधारित ई-केवाईसी, डिजिलॉकर, ई-प्रमाण, उमंग और भाषिणी जैसी उन्नत तकनीकों का एकीकरण किया गया है। पोर्टल 22 भारतीय भाषाओं में उपलब्ध है, जिससे भाषा की बाधा समाप्त होगी और ग्रामीण क्षेत्रों तक सेवाओं की पहुंच आसान बनेगी।
ऑनलाइन भुगतान और DBT ट्रैकिंग भी होगी आसान
‘सेवा सेतु’ में ट्रेजरी और ई-चालान का एकीकरण किया गया है, जिससे नागरिक ऑनलाइन भुगतान कर तुरंत डिजिटल रसीद प्राप्त कर सकेंगे। वहीं डीबीटी के जरिए योजनाओं की राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में ट्रांसफर होगी, जिसकी रीयल-टाइम जानकारी एसएमएस और व्हाट्सएप से मिलेगी।

पारदर्शिता के लिए क्यूआर सत्यापन और ऑटो पेनल्टी सिस्टम
लोक सेवा गारंटी अधिनियम 2011 के तहत सेवाओं की समय-सीमा सुनिश्चित करने के लिए ऑटोमेटिक पेनल्टी कैलकुलेशन, समय-सीमा संकेतक और स्वतः शिकायत पंजीकरण जैसी व्यवस्थाएं लागू की गई हैं। इसके अलावा प्रमाण-पत्रों में क्यूआर कोड आधारित सत्यापन, क्लाउड स्टोरेज और डिजिटल सिग्नेचर जैसी सुविधाएं भी जोड़ी गई हैं।
गांव-गांव तक पहुंचेगी डिजिटल नागरिक सेवा
राज्य में सेवाओं की पहुंच बढ़ाने के लिए 800 से अधिक लोक सेवा केंद्र, 1000 से अधिक चॉइस सेंटर और 15,000 से अधिक कॉमन सर्विस सेंटर सक्रिय हैं। नागरिक वेब पोर्टल, लोक सेवा केंद्र, चॉइस सेंटर और CSC के माध्यम से सेवाओं का लाभ उठा सकेंगे।
कई वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद
इस अवसर पर मुख्य सचिव अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह, सचिव पी दयानंद, राहुल भगत, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव अंकित आनंद तथा चिप्स के मुख्य कार्यपालन अधिकारी मयंक अग्रवाल सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।