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Latest News: 16 dead, 36 injured in Sakti Vedanta plant accident; opposition attacks, says 'not an accident, but murder'
सक्ती। छत्तीसगढ़ के सक्ति जिला स्थित वेदांता पावर प्लांट में हुए भीषण बॉयलर ब्लास्ट में मृतकों की संख्या बढ़कर 16 हो गई है। हादसे में 36 मजदूर झुलसे हैं, जिनमें से 18 का इलाज विभिन्न अस्पतालों में जारी है।
मंगलवार दोपहर हुए इस विस्फोट में 4 मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि अन्य की मौत इलाज के दौरान रायगढ़ और रायपुर के अस्पतालों में हुई।
विपक्ष का तीखा हमला, “यह हादसा नहीं हत्या”
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने घटना को “हादसा नहीं बल्कि हत्या” करार देते हुए मृतकों के परिजनों को 1-1 करोड़ रुपये और घायलों को 50-50 लाख रुपये मुआवजा देने की मांग की है।
सिंहदेव ने उठाए सुरक्षा पर सवाल
पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव ने आरोप लगाया कि प्लांट में एंबुलेंस तक उपलब्ध नहीं थी। उन्होंने कहा कि लगातार हो रहे ऐसे हादसे प्रशासनिक लापरवाही की ओर इशारा करते हैं और मजदूरों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सख्त कदम जरूरी हैं।
विधायक का आरोप- मशीनों की नहीं हुई मरम्मत
चंद्रपुर विधायक रामकुमार यादव ने दावा किया कि प्लांट में मशीनों की सही तरीके से रिपेयरिंग नहीं की गई और क्षमता से अधिक काम लिया जा रहा था, जिसके चलते यह हादसा हुआ।
सांसद ज्योत्सना महंत ने सुरक्षा नियमों पर उठाए सवाल
कोरबा सांसद ज्योत्सना चरणदास महंत ने इसे सुरक्षा नियमों की अनदेखी का नतीजा बताया। उन्होंने कहा कि पहले भी वेदांता संयंत्रों में हादसे हो चुके हैं, लेकिन प्रबंधन ने सुरक्षा में पर्याप्त सुधार नहीं किया।
कांग्रेस ने बनाई जांच समिति
घटना को लेकर कांग्रेस ने 9 सदस्यीय जांच समिति का गठन किया है। इसके संयोजक जयसिंह अग्रवाल को बनाया गया है। समिति मौके पर जाकर पीड़ितों और परिजनों से मुलाकात कर रिपोर्ट सौंपेगी।
सरकार ने दिए जांच के आदेश, कार्रवाई का आश्वासन
श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन ने कहा कि जांच के बाद दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। कलेक्टर अमृत विकास तोपनो ने मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए हैं।
मुआवजे का ऐलान
हादसे के बाद विभिन्न स्तरों पर मुआवजे की घोषणा की गई है,
- वेदांता प्रबंधन: मृतकों के परिजनों को 35-35 लाख रुपये और नौकरी, घायलों को 15-15 लाख रुपये
- राज्य सरकार: 5-5 लाख रुपये (मृतक), 50 हजार रुपये (घायल)
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राहत कोष: 2 लाख रुपये (मृतक), 50 हजार रुपये (घायल)
परिजनों का हंगामा, प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप
हादसे के बाद प्लांट के बाहर मजदूरों के परिजनों ने जमकर विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने प्रबंधन पर जानकारी छिपाने और लापरवाही का आरोप लगाते हुए सख्त कार्रवाई और उचित मुआवजे की मांग की।