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लखनऊ में कैफे संचालक शिवा शर्मा की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले में तीन फरार आरोपियों की गिरफ्तारी हुई है। 20 अक्टूबर को लखनऊ पुलिस, यूपी एसटीएफ और नागपुर पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में मॉडल श्रद्धा दुबे उसकी बहन रश्मि और ड्राइवर तनवीर अली उर्फ दानिश को गिरफ्तार कर लिया गया है। इन तीनों की गिरफ्तारी के बाद पीड़ित की मां का बयान सामने आया है। उन्होंने आरोपियों की गिरफ्तारी का स्वागत किया है.
पीड़ित की मां रंजना शर्मा ने मॉडल श्रद्धा दुबे की गिरफ्तारी को न्याय की दिशा में पहला कदम बताया और उत्तर प्रदेश पुलिस, स्पेशल टास्क फोर्स यानि STF और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को उनके प्रयासों के लिए धन्यवाद दिया है।
दरअसल, पीड़ित की मां रंजना शर्मा ने 9 अक्टूबर को इस मामले में मॉडल श्रद्धा दुबे और अन्य लोगों के खिलाफ हत्या की शिकायत दर्ज कराई थी, जिसपर हजरतगंज पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1) के तहत हत्या का मामला दर्ज किया गया था। अपनी शिकायत में उन्होंने दावा किया था, कि उनके बेटे को परेशान किए जाने के सबूत उनके पास मौजूद हैं उन्होंने कहा ‘इस गिरफ्तारी के बाद, मामला कानून की उचित प्रक्रिया के अनुसार आगे बढ़ेगा. जहां तक उत्पीड़न की बात है, तो लोगों के पास कई अन्य वीडियो भी मौजूद हैं। मुझे पूरा भरोसा है कि न्याय जरूर मिलेगा’।
आपको बता दें, कि 28 साल के शिवा शर्मा 9 अक्टूबर को उत्तर प्रदेश के हजरतगंज इलाके के बालू अड्डा में एक अपार्टमेंट की बालकनी से गिर गए थे। इसके बाद 20 अक्टूबर को पुलिस ने उनकी कथित लिव-इन पार्टनर और मॉडल श्रद्धा दुबे, उनकी बहन और उनके ड्राइवर को गिरफ्तार कर लिया, जो इस मामले में मुख्य आरोपी हैं. घटना के दिन से ही ये सभी फरार चल रहे थे।
गिरफ्तारियों का स्वागत करते हुए, शिवा की मां ने कहा, कि आरोपियों की गिरफ्तारी विजयादशमी के दिन हुई है। उन्होंने भरोसा जताया कि, इस मामले में कानून की उचित प्रक्रिया के तहत कार्रवाई आगे बढ़ेगी। मीडिया से बात करते हुए रंजना शर्मा ने कहा, ‘मैं सभी का दिल से आभार व्यक्त करना चाहती हूं- पुलिस, STF, प्रशासन, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उन सभी लोगों का, जिन्होंने हमारा साथ दिया। यह बहुत महत्वपूर्ण है, कि आज विजयादशमी का दिन है, और यह शिवा को न्याय दिलाने की दिशा में पहला कदम है’।
इस मामले में मुख्य संदिग्ध मॉडल श्रद्धा दुबे, उसकी बहन रश्मि दुबे और ड्राइवर दानिश, इन तीनों पर पुलिस ने पहले 25000 रुपए का इनाम रखा था, जिसे बाद में बढ़ाकर 50,000 रुपए कर दिया गया था। इन तीनों को नागपुर में गिरफ्तार किया गया। यह गिरफ्तारी उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स यानि UPSTF और लखनऊ पुलिस के एक संयुक्त अभियान में हुई, जिसमें नागपुर पुलिस की भी मदद मिली।
इस संबंध में उत्तर प्रदेश के अपर पुलिस महानिदेशक (कानून-व्यवस्था) अमिताभ यश ने बताया, कि श्रद्धा दुबे गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार अपनी पहचान छिपाने की कोशिश कर रही थी। वह बुर्का पहनकर रहती थी, मोबाइल और अन्य संचार साधनों का कम इस्तेमाल करती थी और लोगों से संपर्क भी सीमित ही रखती थी। अमिताभ यश के मुताबिक, श्रद्धा कम निगरानी वाले छोटे होटलों में ठहर रही थी, जहां पुलिस की नजर पड़ने की आशंका कम थी। पुलिस को यह जानकारी भी मिली थी, कि वह नेपाल गई थी और बाद में वापस लौटी। अधिकारियों को संदेह है, कि ऐसा उसने जांच एजेंसियों को गुमराह करने और अपनी तलाश से ध्यान हटाने के लिए किया होगा। श्रद्धा के साथ उसकी बहन और चालक भी लगातार मौजूद रहते थे। तीनों को अब ट्रांजिट रिमांड पर लखनऊ लाया जाएगा, जहां पुलिस उनसे पूछताछ करेगी।