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496 million people lifted out of poverty in 12 years; 134 million new employment opportunities also created: PM Modi
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत में गरीबी कम होने और रोजगार के अवसरों में बढ़ोतरी को लेकर विश्व बैंक की रिपोर्ट के आंकड़े साझा किए हैं। उन्होंने बताया कि वर्ष 2011 से 2023 के बीच देश में करीब 49.6 करोड़ लोग गरीबी के दायरे से बाहर निकले। इस अवधि में अत्यधिक गरीबी की दर में भी बड़ी गिरावट दर्ज की गई। प्रधानमंत्री ने रविवार को सोशल मीडिया के माध्यम से इन आंकड़ों का उल्लेख करते हुए कहा कि गरीबी उन्मूलन सरकार के लिए केवल एक नारा नहीं, बल्कि मजबूत संकल्प है।
प्रधानमंत्री द्वारा साझा किए गए विश्व बैंक के अक्टूबर 2026 के आंकड़ों के मुताबिक, भारत में वर्ष 2011-12 में अत्यधिक गरीबी की दर 27.1 प्रतिशत थी, जो 2023-24 तक घटकर 2.6 प्रतिशत रह गई। वहीं, प्रतिदिन 4.20 डॉलर से कम आय वाले लोगों की आबादी का अनुपात 57.7 प्रतिशत से कम होकर 16.1 प्रतिशत पर पहुंच गया।विश्व बैंक के अनुसार, 4.20 डॉलर प्रतिदिन की आय सीमा के आधार पर करीब 49.6 करोड़ लोग गरीबी के दायरे से बाहर आए हैं। प्रधानमंत्री ने इन आंकड़ों का उल्लेख करते हुए गरीबी में आई गिरावट को महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।
प्रधानमंत्री मोदी ने रोजगार के मोर्चे पर भी आंकड़े साझा किए। उन्होंने बताया कि वर्ष 2017 से 2023 के बीच देश में रोजगार प्राप्त लोगों की संख्या में करीब 13.4 करोड़ की बढ़ोतरी हुई। यह इसी अवधि में कामकाजी उम्र की आबादी में हुई वृद्धि से लगभग दोगुनी है।
प्रधानमंत्री ने आय और उपभोग से जुड़ी असमानता में कमी का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि असमानता को मापने वाले गिनी सूचकांक में गिरावट दर्ज की गई है। विश्व बैंक के आंकड़ों के अनुसार, भारत का गिनी सूचकांक 2011-12 के 28.8 से घटकर 2023-24 में 23 पर पहुंच गया। यह घरेलू उपभोग के स्तर पर असमानता कम होने का संकेत देता है।
प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में गरीबी उन्मूलन को सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल बताया। विश्व बैंक की रिपोर्ट में गरीबी घटने के पीछे उपभोग में बढ़ोतरी, रोजगार के अवसरों का विस्तार और सरकारी सामाजिक सहायता योजनाओं की भूमिका का उल्लेख किया गया है। इन आंकड़ों के आधार पर भारत में पिछले एक दशक से अधिक समय के दौरान गरीबी के विभिन्न मानकों में आए बदलाव को रेखांकित किया गया है।