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A blow to the Naxalite network in Kanker, as the guard of most wanted Naxalite Rupi surrenders, and the search operation intensifies.
कांकेर। छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में नक्सल विरोधी अभियान के तहत सुरक्षाबलों को लगातार सफलता मिल रही है। इसी कड़ी में एक बड़ी उपलब्धि सामने आई है, जहां मोस्ट वांटेड नक्सली रूपी के सुरक्षा गार्ड ने आत्मसमर्पण कर दिया है।
बताया जा रहा है कि सरेंडर करने वाला नक्सली लंबे समय से रावघाट क्षेत्र में सक्रिय था और संगठन के लिए महत्वपूर्ण काम कर रहा था। सुरक्षा एजेंसियां इसे नक्सल नेटवर्क के लिए बड़ा झटका मान रही हैं।
रावघाट एरिया में सक्रिय नेटवर्क पर फोकस
सूत्रों के अनुसार, रावघाट एरिया कमेटी की सदस्य रामको मंडावी इस नेटवर्क में अहम भूमिका निभा रही है। सुरक्षाबलों को इनपुट मिला है कि वह अभी भी सक्रिय है, जिसके बाद उसकी तलाश तेज कर दी गई है।
गांव-गांव सर्च ऑपरेशन
आत्मसमर्पण करने वाले नक्सली से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस और सुरक्षाबल अब इलाके में व्यापक सर्च ऑपरेशन चला रहे हैं। खासकर छोटेबेठिया थाना क्षेत्र के माछपल्ली गांव में तलाशी अभियान तेज किया गया है, जहां रूपी और उसके साथियों के छिपे होने की आशंका जताई जा रही है।
पुलिस को मिले अहम सुराग
छत्तीसगढ़ पुलिस के अधिकारियों के मुताबिक, सरेंडर करने वाले नक्सली ने संगठन से जुड़े कई अहम राज खोले हैं, जिससे आगे की कार्रवाई में मदद मिल रही है। सुरक्षाबल लगातार दबिश देकर बाकी नक्सलियों को भी आत्मसमर्पण के लिए प्रेरित कर रहे हैं।
सरेंडर पॉलिसी का असर
प्रशासन का कहना है कि सरकार की सरेंडर पॉलिसी और लगातार दबाव के कारण नक्सलियों का मनोबल टूट रहा है। यही वजह है कि अब लगातार आत्मसमर्पण के मामले सामने आ रहे हैं।