

Copyright © 2026 rights reserved by Inkquest Media
अन्य समाचार

A complete value chain from minerals to manufacturing will be established in Chhattisgarh; critical minerals will give fresh momentum to investment and employment: CM Sai.
रायपुर। छत्तीसगढ़ की समृद्ध खनिज संपदा और क्रिटिकल एवं स्ट्रेटेजिक मिनरल्स की संभावनाओं को प्रदेश के औद्योगिक और आर्थिक विकास का नया आधार बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने बड़ा रोडमैप सामने रखा है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल खनिजों का उत्खनन करना नहीं, बल्कि अन्वेषण से उत्खनन, प्रसंस्करण से मूल्य संवर्धन, एडवांस मैन्युफैक्चरिंग से रिसाइक्लिंग तक पूरी मिनरल वैल्यू चेन छत्तीसगढ़ में विकसित करना है।
मुख्यमंत्री ने यह बात नवा रायपुर स्थित मेफेयर लेक रिजॉर्ट में भारत सरकार के खान मंत्रालय द्वारा आयोजित क्रिटिकल एवं स्ट्रेटेजिक मिनरल ब्लॉक्स की नीलामी की आठवीं किश्त के रोड शो को संबोधित करते हुए कही। उन्होंने कहा कि इससे प्रदेश में निवेश बढ़ेगा, नए उद्योग स्थापित होंगे और युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आने वाले समय में क्रिटिकल एवं स्ट्रेटेजिक मिनरल्स देश की आर्थिक प्रगति, तकनीकी आत्मनिर्भरता और सामरिक सुरक्षा के प्रमुख आधार होंगे। रक्षा उद्योग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्लीन एनर्जी, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी, डिजिटल टेक्नोलॉजी, इलेक्ट्रॉनिक्स और एडवांस मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों में इन खनिजों की महत्वपूर्ण भूमिका है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में मेक इन इंडिया, आत्मनिर्भर भारत और नेशनल क्रिटिकल मिनरल मिशन के माध्यम से देश में क्रिटिकल मिनरल्स के अन्वेषण और प्रसंस्करण को नई गति मिली है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आधुनिक रक्षा उपकरणों के निर्माण में कई स्ट्रेटेजिक मिनरल्स की आवश्यकता होती है। ऐसे में आत्मनिर्भर रक्षा उद्योग के लिए इनकी सुरक्षित और निरंतर आपूर्ति जरूरी है।
इसी तरह एआई, सेमीकंडक्टर, बैटरी, क्लीन एनर्जी, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी और एडवांस मैन्युफैक्चरिंग के लिए लिथियम, ग्रेफाइट, रेयर अर्थ एलिमेंट्स, वैनेडियम, निकेल और क्रोमियम जैसे खनिज महत्वपूर्ण हैं। भविष्य की अर्थव्यवस्था में इनकी मांग और भूमिका लगातार बढ़ने की संभावना है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ देश के प्रमुख खनिज संपन्न राज्यों में शामिल है और अब क्रिटिकल मिनरल्स के क्षेत्र में भी अपनी नई पहचान बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
उन्होंने बताया कि कटघोरा और बस्तर में लिथियम एवं दुर्लभ मृदा तत्व, बलरामपुर में ग्रेफाइट, वैनेडियम एवं गैलियम, बालोद में फास्फोराइट तथा महासमुंद में निकेल, क्रोमियम और ग्लाकोनाइट की संभावनाएं मौजूद हैं।

आठवीं किश्त की नीलामी में देश के सात राज्यों के 20 खनिज ब्लॉक्स शामिल हैं, जिनमें छत्तीसगढ़ के पांच ब्लॉक्स हैं। मुख्यमंत्री ने निवेशकों से इन ब्लॉक्स की नीलामी में सक्रिय भागीदारी करने का आह्वान किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की सोच केवल खनिज उत्पादन बढ़ाने तक सीमित नहीं है। सरकार चाहती है कि खनिजों का प्रसंस्करण, मूल्य संवर्धन और उनसे जुड़े एडवांस मैन्युफैक्चरिंग उद्योग प्रदेश में ही स्थापित हों।
उन्होंने कहा कि खनिजों को कच्चे रूप में बाहर भेजने के बजाय प्रदेश में ही उनकी वैल्यू बढ़ाई जाए, जिससे प्राकृतिक संसाधनों का अधिकतम आर्थिक लाभ छत्तीसगढ़ और यहां के लोगों को मिल सके।
मुख्यमंत्री ने बताया कि नवा रायपुर में एआई आधारित डेटा सेंटर पार्क और इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर तथा राजनांदगांव में इलेक्ट्रॉनिक विनिर्माण क्लस्टर विकसित किए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि इन आधुनिक उद्योगों में क्रिटिकल मिनरल्स की आवश्यकता होगी। प्रदेश में खनिज संसाधनों की उपलब्धता इन उद्योगों को प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त प्रदान कर सकती है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार नए जमाने के उद्योगों को छत्तीसगढ़ में आकर्षित करने के लिए निवेश अनुकूल वातावरण तैयार कर रही है। नई औद्योगिक नीति में उभरते और भविष्य की अर्थव्यवस्था से जुड़े क्षेत्रों के लिए विभिन्न प्रोत्साहन दिए जा रहे हैं।
ईज ऑफ डूइंग बिजनेस अधिनियम और वन क्लिक सिंगल विंडो सिस्टम 2.0 के माध्यम से अनुमतियों और एनओसी की प्रक्रिया को सरल बनाया गया है। निवेशकों को पूंजी निवेश सहायता, स्टांप शुल्क एवं विद्युत शुल्क में छूट, ब्याज अनुदान और रोजगार आधारित प्रोत्साहन जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जा रही हैं।
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य निर्माण के समय छत्तीसगढ़ का खनिज राजस्व करीब 400 करोड़ रुपये था। ढाई वर्ष पहले यह लगभग 12 हजार करोड़ रुपये था, जो अब बढ़कर 16 हजार करोड़ रुपये से अधिक हो गया है।
उन्होंने कहा कि खनिज राजस्व का उपयोग प्रदेश के विकास और जनकल्याण के लिए किया जा रहा है। डीएमएफ के माध्यम से खनन प्रभावित क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल और अन्य बुनियादी सुविधाओं के विस्तार के साथ सामाजिक-आर्थिक विकास के कार्य किए जा रहे हैं।

खनिज विभाग के संचालक एवं सीएमडीसी के प्रबंध संचालक रजत बंसल ने बताया कि पिछले ढाई वर्षों में प्रदेश में 40 एक्सप्लोरेशन प्रोजेक्ट शुरू किए गए हैं और 2,800 किलोमीटर से अधिक जियोलॉजिकल सर्वे पूरा किया गया है।
उन्होंने बताया कि पिछले वित्तीय वर्ष में प्रदेश को करीब 16,700 करोड़ रुपये का खनिज राजस्व प्राप्त हुआ, जो निर्धारित लक्ष्य का लगभग 98 प्रतिशत है। खनिज राजस्व में साल-दर-साल करीब 14 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।
प्रदेश में अब तक 65 खनिज ब्लॉक्स की नीलामी की जा चुकी है, जिनसे करीब चार लाख करोड़ रुपये के संभावित राजस्व की उम्मीद है।
भारत सरकार के खान मंत्रालय के सचिव केशव चंद्र ने बताया कि केंद्र सरकार द्वारा क्रिटिकल एवं स्ट्रेटेजिक मिनरल ब्लॉक्स की नीलामी प्रक्रिया शुरू किए जाने के बाद अब तक 88 ब्लॉक्स की नीलामी प्रक्रिया शुरू की गई है, जिनमें 56 ब्लॉक्स की सफलतापूर्वक नीलामी हो चुकी है।
उन्होंने बताया कि भारत के पहले लिथियम युक्त खनिज ब्लॉक की नीलामी छत्तीसगढ़ के कटघोरा लिथियम एवं रेयर अर्थ एलिमेंट ब्लॉक से हुई है।
उन्होंने कहा कि नीलामी प्रक्रिया को पारदर्शी और निवेशक अनुकूल बनाने के लिए माइलस्टोन आधारित अनुपालन, समयबद्ध स्वीकृतियां, यूनिफाइड माइनिंग पोर्टल और बीमा सिक्योरिटी बॉन्ड जैसे सुधार किए गए हैं।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने ई-रेत संगवारी पोर्टल और टिन पोर्टल का शुभारंभ किया।
ई-रेत संगवारी के माध्यम से प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों को रियायती दर पर रेत उपलब्ध कराने की व्यवस्था को अधिक सुगम और पारदर्शी बनाया जाएगा।
वहीं, दंतेवाड़ा क्षेत्र में टिन से जुड़े आदिवासी समुदायों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने और व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ाने के उद्देश्य से टिन पोर्टल शुरू किया गया है।
कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ खनिज विकास निगम और इंडियन ओवरसीज बैंक के बीच एमओयू किया गया। इसके अलावा कोरन्डम कटिंग एवं पॉलिशिंग के प्रशिक्षण के लिए सीएमडीसी और पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय के बीच भी समझौता हुआ।
इन एमओयू के माध्यम से खनिज क्षेत्र में वित्तीय सहयोग, कौशल विकास, मूल्य संवर्धन और निवेश को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
केंद्रीय कोयला एवं खान राज्य मंत्री सतीश चंद्र दुबे ने कहा कि क्रिटिकल एवं स्ट्रेटेजिक मिनरल्स में आत्मनिर्भरता भारत की आर्थिक और रणनीतिक शक्ति के लिए जरूरी है। उन्होंने निवेशकों, युवाओं और स्टार्टअप्स से इस क्षेत्र में उपलब्ध अवसरों का लाभ उठाने का आह्वान किया।
केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू ने कहा कि खनिज ब्लॉक्स की नीलामी की सफलता केवल आवंटन से नहीं, बल्कि अन्वेषण, निवेश, प्रोसेसिंग, तकनीकी विकास, वैल्यू एडिशन और रोजगार सृजन से मापी जानी चाहिए। उन्होंने खनन क्षेत्रों में आवास, परिवहन, पेयजल, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी नागरिक सुविधाओं के सुनियोजित विकास पर भी जोर दिया।
मुख्य सचिव विकास शील ने कहा कि राज्य सरकार खनिज क्षेत्र में निवेशकों को हर स्तर पर हैंडहोल्डिंग सपोर्ट उपलब्ध करा रही है। ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के तहत 43 सेवाओं को रिस्क रेटेड अप्रोच के तहत अधिसूचित किया गया है।
उन्होंने बताया कि खनन क्षेत्र में सर्वे, एनफोर्समेंट, परिवहन, रॉयल्टी भुगतान और नीलामी प्रक्रियाओं को डिजिटल बनाया जा रहा है। भविष्य में ट्रांसपोर्ट सिस्टम को और अधिक तेज और पेपरलेस बनाने का लक्ष्य है।

खनिज विभाग के सचिव पी. दयानंद ने कहा कि राज्य सरकार वैज्ञानिक अन्वेषण, पारदर्शी नीलामी और निवेश अनुकूल वातावरण तैयार करने पर लगातार काम कर रही है। भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण सहित विभिन्न संस्थाओं के सहयोग से सर्वेक्षण, भू-आंकड़ों के संकलन और मैपिंग को मजबूत किया जा रहा है।
खनिज क्षेत्र में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने के लिए खनिज ऑनलाइन 2.0, डीएमएफ 2.0 और ई-नीलामी जैसी डिजिटल व्यवस्थाओं का विस्तार किया गया है। खदानों और माइनर मिनरल्स की निगरानी के लिए ड्रोन सर्वे का भी इस्तेमाल किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ के पास खनिज संपदा, ऊर्जा, भूमि, कनेक्टिविटी और औद्योगिक अधोसंरचना के रूप में मजबूत आधार मौजूद है। सरकार का प्रयास है कि इन संसाधनों के साथ तकनीक, निवेश और कौशल को जोड़कर प्रदेश में पूरी मिनरल वैल्यू चेन विकसित की जाए।
उन्होंने विश्वास जताया कि क्रिटिकल एवं स्ट्रेटेजिक मिनरल ब्लॉक्स की नीलामी का यह रोड शो छत्तीसगढ़ में निवेश, तकनीकी सहयोग और नई औद्योगिक साझेदारियों के लिए मजबूत आधार तैयार करेगा और प्रदेश को देश की क्रिटिकल मिनरल वैल्यू चेन के प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।