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MP News: A fee of Rs 250 has been imposed for evening and sleeping aarti at Ujjain's Mahakal Temple, sparking political debate.
उज्जैन। Mahakaleshwar Jyotirlinga Temple में भस्म आरती के बाद अब संध्या और शयन आरती दर्शन के लिए प्रति व्यक्ति 250 रुपये शुल्क की नई व्यवस्था बीते गुरुवार से लागू हो गई है। मंदिर समिति के इस फैसले के साथ ही शहर में राजनीतिक बहस तेज हो गई है।
नई व्यवस्था क्या है?
मंदिर प्रशासन के अनुसार संध्या व शयन आरती में सीमित संख्या में श्रद्धालुओं को व्यवस्थित दर्शन की सुविधा देने के उद्देश्य से यह शुल्क निर्धारित किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि डिजिटल बुकिंग प्रणाली के माध्यम से पारदर्शिता बढ़ेगी और भीड़ प्रबंधन में आसानी होगी।
मंदिर के सहायक प्रशासक ने पहले दिन की व्यवस्था को सफल बताते हुए कहा कि ऑनलाइन प्रक्रिया से श्रद्धालुओं को सुव्यवस्थित और सुरक्षित दर्शन का अनुभव मिलेगा।
कांग्रेस ने बताया ‘व्यवसायीकरण’
कांग्रेस ने इस निर्णय का विरोध किया है। शहर कांग्रेस अध्यक्ष मुकेश भाटी और नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष रवि राय ने आरोप लगाया कि मंदिर समिति धीरे-धीरे दर्शन व्यवस्था को आय का साधन बना रही है।
कांग्रेस नेताओं ने मांग की है कि भस्म, संध्या और शयन आरती को पूर्णतः शुल्क मुक्त किया जाए, ताकि सभी वर्गों के श्रद्धालुओं को समान अवसर मिल सके।
भाजपा ने आरोपों को बताया निराधार
वहीं भाजपा के नगर अध्यक्ष संजय अग्रवाल ने कांग्रेस के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि धर्म के नाम पर राजनीति की जा रही है। उनका कहना है कि निःशुल्क दर्शन की व्यवस्था पहले भी थी और आगे भी जारी रहेगी।
भाजपा का दावा है कि नई व्यवस्था केवल सुव्यवस्थित आरती दर्शन के लिए है और इससे आम श्रद्धालुओं के सामान्य दर्शन पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
प्रशासन का पक्ष
मंदिर प्रशासन का कहना है कि बढ़ती श्रद्धालु संख्या को देखते हुए आरती व्यवस्था में सुधार आवश्यक था। डिजिटल बुकिंग और सीमित प्रवेश से सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण में मदद मिलेगी।