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A major revelation in the Mahatari Vandan Yojana: funds held for 27,000 ineligible individuals, and 100,000 deceased beneficiaries excluded from the list.
रायपुर। छत्तीसगढ़ में महतारी वंदन योजना को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। महिला एवं बाल विकास विभाग की जांच में खुलासा हुआ है कि करीब 27 हजार अपात्र हितग्राहियों की राशि फिलहाल होल्ड कर दी गई है, जबकि लगभग एक लाख मृत हितग्राहियों के नाम योजना की सूची से हटा दिए गए हैं।यह कार्रवाई योजना के तहत चल रहे ई-केवाईसी और सत्यापन अभियान के दौरान सामने आई अनियमितताओं के बाद की गई है।
ई-केवाईसी अभियान से बढ़ी सख्ती, लाखों हितग्राही हुए अपडेट
विभाग द्वारा चलाए जा रहे ई-केवाईसी अभियान के पहले चरण में 4.18 लाख हितग्राहियों को शामिल किया गया था। इसके बाद दूसरा चरण एक अप्रैल से शुरू हुआ, जो 30 जून तक चलेगा।इसके बाद हितग्राहियों को बाल विकास परियोजना कार्यालय में जाकर अंतिम सत्यापन कराना होगा, जिसकी अंतिम समय सीमा 31 अगस्त तय की गई है।अब तक प्रदेश में लगभग 86 प्रतिशत हितग्राही ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी कर चुके हैं। कुल 65,30,429 हितग्राहियों में से 55,99,462 ने अपनी प्रक्रिया पूरी कर ली है।
बस्तर संभाग में स्थिति चिंताजनक, तकनीकी दिक्कतें बनी बाधा
बस्तर संभाग के पांच जिलों में ई-केवाईसी की स्थिति अपेक्षाकृत कमजोर पाई गई है। यहां जागरूकता की कमी, इंटरनेट कनेक्टिविटी की समस्या और संसाधनों की कमी प्रमुख कारण बताए जा रहे हैं।ग्रामीण और दूरस्थ इलाकों में डिजिटल सुविधाओं के अभाव के कारण कई महिलाएं अभी भी ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी नहीं कर पाई हैं।
अपात्र और गलत लाभार्थियों पर सख्ती, कई कारणों से नाम हटाए गए
विभागीय जांच में यह भी सामने आया कि कई मामलों में अपात्र लोग भी योजना का लाभ ले रहे थे। इनमें शामिल हैं
- सरकारी नौकरी प्राप्त हितग्राही
- आयकरदाता होते हुए लाभ लेने वाले
- एक से अधिक आवेदन करने वाले
- अन्य राज्य के निवासी होकर लाभ लेने वाले
इन सभी मामलों की जांच के बाद अब तक कई नाम सूची से हटाए जा चुके हैं और कुछ मामलों में राशि वसूली की प्रक्रिया भी की गई है।
योजना का उद्देश्य, लेकिन निगरानी भी हुई सख्त
महतारी वंदन योजना का शुभारंभ 10 मार्च 2024 को किया गया था। इसके तहत पात्र विवाहित महिलाओं को आर्थिक सशक्तिकरण के लिए प्रति माह एक हजार रुपये की सहायता राशि दी जाती है।अब सरकार की ओर से चल रही सख्त निगरानी और सत्यापन प्रक्रिया का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि योजना का लाभ केवल वास्तविक पात्र महिलाओं तक ही पहुंचे।
जिलेवार स्थिति का विश्लेषण, कई जिलों में तेज प्रगति
प्रदेश के कई जिलों में ई-केवाईसी की प्रगति अच्छी रही है, जबकि कुछ जिलों में अभी भी प्रक्रिया धीमी है। प्रशासन का कहना है कि आने वाले समय में शत प्रतिशत सत्यापन पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
पारदर्शिता की दिशा में बड़ा कदम, व्यवस्था पर बढ़ा भरोसा
सरकारी स्तर पर इस कार्रवाई को योजना में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। इससे यह स्पष्ट संदेश गया है कि सरकारी योजनाओं का लाभ केवल पात्र हितग्राहियों तक ही सीमित रहेगा।