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A major revelation of bribery in railway recruitment, a deal of Rs 5 lakh for a sports quota job, CBI action creates a stir.
रायपुर। रेलवे भर्ती से जुड़ा बड़ा भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है, जिसमें स्पोर्ट्स कोटे के तहत नौकरी दिलाने के नाम पर रिश्वतखोरी का संगठित खेल उजागर हुआ है। सीबीआई की जांच में खुलासा हुआ है कि चयन प्रक्रिया की आड़ में अभ्यर्थियों से मोटी रकम वसूली जा रही थी।
स्पोर्ट्स कोटे की भर्ती में पैसों का खेल कैसे चला पूरा नेटवर्क
दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे में स्पोर्ट्स कोटे के तहत 22 पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया शुरू की गई थी। इस प्रक्रिया में देशभर से आवेदन आए थे और स्क्रूटनी के बाद 86 अभ्यर्थियों को योग्य माना गया था, जबकि 93 आवेदन तकनीकी कारणों से खारिज कर दिए गए थे।जांच में सामने आया है कि इस चयन प्रक्रिया का फायदा उठाकर कुछ लोगों ने अभ्यर्थियों से संपर्क करना शुरू किया और नौकरी पक्की कराने के नाम पर पैसे की मांग की।
रंगे हाथों पकड़े गए आरोपी और 5 लाख रुपये की डील
सीबीआई ने कार्रवाई करते हुए आरोपियों को रंगे हाथों पकड़ा, जब वे एक महिला अभ्यर्थी से 5 लाख रुपये की रिश्वत ले रहे थे। आरोप है कि अभ्यर्थियों को चयन में फेल करने की धमकी देकर पैसे वसूले जा रहे थे।इस पूरे मामले में डीएमएस बी राजशेखर राव और टीटीई जे रामालक्ष्मी की भूमिका सामने आई है, जिन पर चयन प्रक्रिया में दखल देकर अवैध वसूली करने का आरोप है।
चयन या धमकी अभ्यर्थियों पर दबाव बनाकर वसूली का आरोप
सूत्रों के मुताबिक जिन खिलाड़ियों का चयन होना बाकी था, उन्हें मेडिकल या अन्य कारणों से फेल करने की धमकी दी जाती थी। इसके बदले उनसे मोटी रकम की मांग की जाती थी।जांच में यह भी सामने आया है कि चयनित और गैर चयनित दोनों तरह के अभ्यर्थियों को इस नेटवर्क के जरिए टारगेट किया जा रहा था।
सीबीआई की पूछताछ में बड़े नाम सामने आने के संकेत
सीबीआई की चार दिन की पूछताछ में आरोपियों ने कई अहम जानकारियां दी हैं। उनके ठिकानों से नकदी और दस्तावेज भी बरामद हुए हैं, जिससे इस पूरे रैकेट में और बड़े नाम सामने आने की संभावना जताई जा रही है।जांच एजेंसी को शक है कि यह सिर्फ दो लोगों तक सीमित मामला नहीं है, बल्कि इसमें एक बड़ा नेटवर्क सक्रिय हो सकता है।
कोर्ट की कार्रवाई और जेल भेजे गए आरोपी
गिरफ्तार दोनों रेलकर्मियों को कोर्ट में पेश किया गया, जहां उन्हें न्यायिक रिमांड पर एक जून तक जेल भेज दिया गया है। पेशी के दौरान सीबीआई और सुरक्षा के बीच कड़ी व्यवस्था रही।
कोर्ट परिसर में हंगामा और पत्रकार से बदसलूकी
कोर्ट में पेशी के दौरान उस समय हंगामा हो गया जब आरोपियों से मिलने पहुंचे कुछ लोगों ने एक पत्रकार के साथ बदसलूकी की। इनमें से एक व्यक्ति ने खुद को भिलाई निवासी आशीष जैन बताया है। घटना के बाद मौके पर तनाव की स्थिति बन गई।
आगे की जांच पर टिकी नजर और नए खुलासों की संभावना
सीबीआई अब यह भी जांच कर रही है कि जिन 17 खिलाड़ियों का चयन पहले ही हो चुका है, क्या उनसे भी किसी तरह की अवैध वसूली की गई थी। इसके साथ ही 93 खारिज किए गए आवेदनों की प्रक्रिया पर भी सवाल उठ रहे हैं।जांच एजेंसी को उम्मीद है कि आगे की पूछताछ में इस पूरे घोटाले के और बड़े चेहरे सामने आ सकते हैं, जिससे रेलवे भर्ती प्रणाली में फैले भ्रष्टाचार की परतें और खुलेंगी।