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ACM Mamta Podiyami surrendered
नई दिल्ली। ओडिशा के कोरापुट जिले में नक्सल विरोधी अभियान को बड़ी सफलता मिली है। प्रतिबंधित सीपीआई (माओवादी) संगठन की 5.5 लाख रुपये की इनामी महिला नक्सली ने बुधवार को पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। इस सरेंडर के बाद कोरापुट जिले को आधिकारिक रूप से नक्सल-मुक्त घोषित कर दिया गया है।

सरेंडर करने वाली महिला नक्सली की पहचान ममता पोड़ियामी उर्फ ममता/सोनी (26 वर्ष) के रूप में हुई है। वह माओवादी संगठन की एरिया कमेटी मेंबर (ACM) थी और छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले के लिंगापुरम गांव की मूल निवासी है।
आत्मसमर्पण के दौरान ममता ने एक SLR राइफल, मैगजीन और 10 राउंड जिंदा गोलियां पुलिस के समक्ष जमा कराईं। उस पर कुल 5.5 लाख रुपये का इनाम घोषित था।
ओडिशा सरकार की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति के तहत ममता को कुल ₹7.15 लाख की आर्थिक सहायता (इनाम राशि और हथियार के बदले) दी जाएगी। इसके अलावा उसे अंत्योदय गृह योजना के तहत आवास, कौशल विकास प्रशिक्षण, और स्वास्थ्य सहायता सहित अन्य पुनर्वास सुविधाएं भी प्रदान की जाएंगी।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, ममता ने बताया कि सुरक्षा बलों के बढ़ते दबाव और माओवादी विचारधारा से मोहभंग होने के कारण उसने मुख्यधारा में लौटने का फैसला किया।
दक्षिण-पश्चिमी पुलिस रेंज के डीआईजी कंवर विशाल सिंह ने पुष्टि की कि इस सरेंडर के बाद कोरापुट जिला, मलकानगिरी, नुआपाड़ा और नबरंगपुर के बाद रेंज का चौथा नक्सल-मुक्त जिला बन गया है।