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AI enters schools: 'Computational Thinking' to be taught from 3rd to 8th grade, new books released
नई दिल्ली। देश की शिक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव करते हुए अब स्कूलों में शुरुआती स्तर से ही आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और कंप्यूटेशनल थिंकिंग पढ़ाई जाएगी। नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत के साथ कक्षा तीसरी से आठवीं तक के लिए इसका पाठ्यक्रम लागू कर दिया गया है, जबकि छठी कक्षा की पाठ्यपुस्तकें भी जारी कर दी गई हैं।
इस मौके पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान ने केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड और राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद को निर्देश दिए कि एआई और कंप्यूटेशनल थिंकिंग से जुड़ी किताबें सभी भारतीय भाषाओं में तैयार की जाएं और राज्यों के शैक्षिक संस्थानों के साथ साझा की जाएं।
फिलहाल CBSE स्कूलों में शुरुआत
अभी इस नए पाठ्यक्रम की शुरुआत सीबीएसई स्कूलों में की गई है। शिक्षा मंत्री ने कहा कि तेजी से बदलती दुनिया में बच्चों को नई तकनीकों की समझ देना बेहद जरूरी है और भारत इस दिशा में अग्रणी भूमिका निभा रहा है।
छोटी कक्षाओं में अलग विषय नहीं
कक्षा तीसरी से पांचवीं तक एआई को अलग विषय के रूप में नहीं पढ़ाया जाएगा, बल्कि इसे गणित, भाषा और पर्यावरण अध्ययन के साथ जोड़कर पढ़ाया जाएगा। इसके लिए सालाना 50 घंटे निर्धारित किए गए हैं।
एआई को लेकर दो धाराएं मंत्री का बयान
धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि एआई को लेकर दुनियाभर में दो तरह की चर्चाएं हैं एक ओर यह आशंका है कि इससे नौकरियां खत्म होंगी, वहीं दूसरी ओर यह उम्मीद जताई जा रही है कि एआई जीवन को आसान बनाएगा और स्वास्थ्य जैसे क्षेत्रों में क्रांतिकारी बदलाव लाएगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि भविष्य में तार्किक क्षमता और तकनीकी समझ रखने वाले लोगों के लिए अधिक अवसर होंगे।