AIDSO opens front against closure of government schools
रायपुर। आल इंडिया डेमोक्रेटिक स्टूडेंट्स आर्गनाइजेशन (AIDSO) ने राज्य सरकार द्वारा शासकीय स्कूलों को बंद करने की नीति के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। मोतीबाग में बड़ी संख्या में छात्रों ने प्रदर्शन किया और इस नीति का विरोध किया। संगठन का आरोप है कि राज्य सरकार के 'युक्तियुक्तकरण' के नाम पर 4,077 सरकारी स्कूलों को बंद किया जा रहा है, जिससे लाखों गरीब छात्रों की शिक्षा का रास्ता पूरी तरह से बंद हो जाएगा।
छत्तीसगढ़ में सरकारी स्कूलों की स्थिति पहले से ही दयनीय है। राज्य के स्कूलों में शिक्षकों की भारी कमी है। 57,000 से अधिक शिक्षक पद रिक्त हैं और 300 स्कूल ऐसे हैं, जहां शिक्षक ही नहीं हैं। इसके अलावा, 5,840 स्कूल ऐसे हैं, जो सिर्फ एक शिक्षक के भरोसे चल रहे हैं। संगठन का कहना है कि छात्रों के खातों में छात्रवृत्ति की राशि समय पर नहीं पहुंचती, जिससे छात्र अपनी पढ़ाई बीच में छोड़ने को मजबूर हो जाते हैं।
प्रमुख मांगें:
1. शिक्षकों की भर्ती: राज्य में शिक्षकों के रिक्त पदों पर तुरंत भर्ती की जाए और 33,000 शिक्षकों की भर्ती के वादे को जल्द पूरा किया जाए।
2. छात्रवृत्ति: छात्रवृत्ति में कटौती बंद की जाए और सभी छात्रों को समय पर और एक साथ छात्रवृत्ति दी जाए।
3. स्कूल बंदी नीति वापस हो: युक्तियुक्तकरण के नाम पर 4,077 स्कूल बंद करने की नीति को तत्काल वापस लिया जाए।
4. कॉलेज स्वायत्तता: कॉलेजों को स्वायत्त करने के निर्णय को रद्द किया जाए और सेमेस्टर प्रणाली समाप्त की जाए।
5. निश्शुल्क बस सेवा: सभी छात्रों को निश्शुल्क बस सुविधा उपलब्ध कराई जाए।
6. महिला सुरक्षा: छात्राओं और महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
7. छात्रावास: सभी जिला मुख्यालयों में शासकीय बालक और बालिका छात्रावास खोले जाएं।
AIDSO ने राज्य सरकार से मांग की है कि छात्रों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए तत्काल ठोस कदम उठाए जाएं, ताकि उनके अधिकारों की रक्षा हो सके। प्रदर्शन में शामिल छात्रों का कहना था कि अगर उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं, तो वे आगे भी संघर्ष जारी रखेंगे।
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