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After 11 years, the Naan scam has again heated up; the trial will resume after the Supreme Court granted relief.
रायपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित नागरिक आपूर्ति निगम यानी नान घोटाला मामले में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। करीब 11 साल पुराने इस हाई प्रोफाइल आर्थिक घोटाले में अब कानूनी ट्रायल दोबारा शुरू होने जा रहा है। राज्य की प्रमुख जांच एजेंसी ईओडब्ल्यू-एसीबी ने कोर्ट में ट्रायल फिर से शुरू करने के लिए याचिका दायर कर दी है। इसके बाद माना जा रहा है कि मामले में शामिल आरोपितों की मुश्किलें आने वाले दिनों में और बढ़ सकती हैं।
सुप्रीम कोर्ट की रोक हटने के बाद बढ़ी कार्रवाई
इस मामले की सुनवाई पर करीब तीन साल तक सुप्रीम कोर्ट की रोक लगी हुई थी। उस दौरान प्रवर्तन निदेशालय यानी ईडी ने अदालत में कुछ कथित व्हाट्सएप चैट पेश किए थे।ईडी का दावा था कि प्रभावशाली लोग घोटाले के आरोपितों की मदद कर रहे हैं और गवाहों को प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है।हालांकि पिछले साल सितंबर में सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई पर लगी रोक हटा दी थी। अब उसी के बाद स्थानीय स्तर पर कानूनी प्रक्रिया फिर से तेज हो गई है।
172 गवाहों के बयान दर्ज, अब आरोपितों की बारी
जांच एजेंसी के मुताबिक मामले में अब तक 172 गवाहों के बयान दर्ज किए जा चुके हैं।अब ट्रायल उस अहम मोड़ पर पहुंच गया है जहां मुख्य आरोपितों के बयान दर्ज होने बाकी हैं।ईओडब्ल्यू-एसीबी के डायरेक्टर अमरेश मिश्रा ने कहा है कि ट्रायल वहीं से शुरू किया जाएगा जहां यह रुका था। माना जा रहा है कि कोर्ट जल्द ही आरोपितों को समन जारी कर सकता है।
क्या था चर्चित नान घोटाला?
यह मामला साल 2015 में उस वक्त सामने आया था जब एसीबी ने नान के दफ्तरों और अधिकारियों के ठिकानों पर छापेमारी की थी।छापेमारी के दौरान करोड़ों रुपये नकद बरामद हुए थे, जिसके बाद पूरे प्रदेश में राजनीतिक और प्रशासनिक हलचल मच गई थी।जांच में खुलासा हुआ था कि चावल परिवहन के नाम पर प्रति मीट्रिक टन 8 रुपये की अवैध वसूली की जाती थी।बताया गया कि यह रकम जिला स्तर से लेकर मुख्यालय के वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचती थी। महज कुछ महीनों में करोड़ों रुपये के अवैध लेनदेन का नेटवर्क तैयार कर लिया गया था।
फिर चर्चा में आया प्रदेश का सबसे बड़ा आर्थिक घोटाला
नान घोटाला लंबे समय तक प्रदेश की राजनीति का सबसे बड़ा मुद्दा बना रहा। अब ट्रायल दोबारा शुरू होने से यह मामला फिर सुर्खियों में आ गया है।राजनीतिक गलियारों से लेकर आम लोगों तक की नजरें अब कोर्ट की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई हैं, क्योंकि इस ट्रायल के नतीजे कई प्रभावशाली चेहरों के भविष्य पर असर डाल सकते हैं।