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Ambition to become CM revealed? Alleged audio of BJP leader Sanjeev Shah goes viral
राजनांदगांव। मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले में भाजपा की अंदरूनी राजनीति एक कथित ऑडियो वायरल होने के बाद गरमा गई है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस ऑडियो को लेकर पूर्व विधायक संजीव शाह चर्चा के केंद्र में आ गए हैं। दावा किया जा रहा है कि ऑडियो में जिला पंचायत अध्यक्ष नम्रता सिंह के खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव को लेकर बातचीत हो रही है। साथ ही इसमें संजीव शाह की राजनीतिक महत्वाकांक्षा और मुख्यमंत्री बनने की इच्छा का भी जिक्र होने का दावा किया जा रहा है।
कथित ऑडियो सामने आने के बाद जिले में भाजपा की गुटबाजी और अंदरूनी खींचतान को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। ऑडियो में पूर्व विधायक संजीव शाह की भूमिका को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। हालांकि, वायरल ऑडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।
2003 के चुनाव से जुड़ी चर्चाओं ने पकड़ा जोर
सूत्रों के मुताबिक, राजनीतिक गलियारों में वर्ष 2003 के विधानसभा चुनाव के दौरान संजीव शाह की मुख्यमंत्री बनने की महत्वाकांक्षा को लेकर पुरानी चर्चाएं फिर शुरू हो गई हैं। उस समय उनके तत्कालीन मुख्यमंत्री अजीत जोगी के करीबी होने की बातें भी सामने आ रही हैं। वहीं, वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने उन्हें दोबारा प्रत्याशी बनाया था, लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा था।
अब कथित ऑडियो वायरल होने के बाद उनके पुराने राजनीतिक सफर और महत्वाकांक्षाओं को लेकर जिले की सियासत में नई बहस छिड़ गई है।
जिला पंचायत अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर भी सवाल
मामले का एक अहम पहलू जिला पंचायत अध्यक्ष नम्रता सिंह के खिलाफ लाया गया अविश्वास प्रस्ताव है। वायरल ऑडियो को लेकर दावा किया जा रहा है कि इस पूरे घटनाक्रम के पीछे पूर्व विधायक संजीव शाह की भूमिका रही है। विपक्षी दल भी इस मामले को भाजपा की अंदरूनी खींचतान से जोड़कर सवाल उठा रहे हैं।
संजीव शाह बोले- ऑडियो फेक है, AI से बनाया गया
वहीं, पूर्व विधायक संजीव शाह ने वायरल ऑडियो को फर्जी बताया है। सोशल मीडिया में वायरल ऑडियो को लेकर उन्होंने कहा कि इसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से तैयार किया गया है। उन्होंने दावा किया कि ऑडियो फेक है और इसे वायरल करने वाले व्यक्ति ने उनसे माफी भी मांगी है।
फिलहाल इस पूरे मामले ने मोहला-मानपुर जिले की भाजपा राजनीति में हलचल बढ़ा दी है। अब सबकी नजरें संबंधित नेताओं की प्रतिक्रिया और पार्टी संगठन के रुख पर टिकी हैं।