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Anant Ambani arrived at Kashi Vishwanath Dham; following the Saptarshi Aarti, 21 Brahmins performed the Kumkum Abhishekam of Goddess Annapurna.
वाराणसी। रिलायंस समूह के निदेशक एवं देश के प्रतिष्ठित उद्योगपति परिवार के सदस्य अनंत अंबानी मंगलवार को धर्मनगरी वाराणसी पहुंचे। शहर पहुंचते ही उन्होंने सीधे श्री काशी विश्वनाथ मंदिर जाकर बाबा विश्वनाथ के दर्शन-पूजन किए और विशेष धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लिया।
वैदिक मंत्रोच्चार के बीच हुआ विशेष पूजन
काशी विश्वनाथ मंदिर में विद्वान अर्चकों ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ अनंत अंबानी का विशेष पूजन संपन्न कराया। उन्होंने पूरे श्रद्धा भाव के साथ बाबा विश्वनाथ के समक्ष हाजिरी लगाई और मंदिर परिसर में आध्यात्मिक वातावरण का अनुभव किया।
45 मिनट तक विश्वनाथ धाम में रहे, सप्तर्षि आरती में हुए शामिल
धार्मिक यात्रा के दौरान अनंत अंबानी करीब 45 मिनट तक श्री काशी विश्वनाथ धाम परिसर में मौजूद रहे। इस दौरान षोडशोपचार पूजन पद्धति के तहत बाबा विश्वनाथ का दिव्य अभिषेक कराया गया। इसके पश्चात उन्होंने प्रसिद्ध सप्तर्षि आरती में भी भाग लिया। आरती के दौरान वह महादेव की भक्ति में पूरी तरह लीन दिखाई दिए।
मां अन्नपूर्णा मंदिर में किया कुमकुम अभिषेक
काशी विश्वनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद अनंत अंबानी मां अन्नपूर्णा मंदिर पहुंचे। यहां उन्होंने लोक कल्याण एवं जनमंगल की कामना के साथ मां अन्नपूर्णा का विशेष कुमकुम अभिषेक किया। इस धार्मिक अनुष्ठान में 21 वैदिक ब्राह्मणों ने विधिवत पूजन एवं अर्चन संपन्न कराया।
देश और परिवार की सुख-समृद्धि की मांगी कामना
पूजन के दौरान अनंत अंबानी ने देशवासियों की खुशहाली, शांति और समृद्धि के साथ-साथ अपने परिवार के कल्याण की भी प्रार्थना की। मंदिर परिसर में आयोजित इस विशेष अनुष्ठान में धार्मिक परंपराओं का पूरी तरह पालन किया गया।
महंत शंकर पुरी महाराज से लिया आशीर्वाद
मां अन्नपूर्णा मंदिर में दर्शन के बाद अनंत अंबानी ने मंदिर के महंत शंकर पुरी महाराज से मुलाकात कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। इस अवसर पर महंत ने उन्हें मां अन्नपूर्णा की पवित्र चुनरी, महाप्रसाद तथा स्फटिक की माला भेंट स्वरूप प्रदान की।
सुरक्षा के रहे कड़े इंतजाम
अनंत अंबानी की इस हाई-प्रोफाइल धार्मिक यात्रा को देखते हुए वाराणसी पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए थे। मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा बलों की विशेष तैनाती की गई थी, जिससे दर्शन-पूजन कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सके।