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Anti-Naxal Operation: 5 Naxalites surrender in Dantewada, cadres carrying rewards of Rs 9 lakh return to the mainstream
दंतेवाड़ा। दंतेवाड़ा जिले में नक्सल उन्मूलन अभियान के बीच 31 मार्च की तय समयसीमा पर बड़ी सफलता मिली है। दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी (DKSZC) से जुड़े पांच माओवादी कैडरों ने हथियारों समेत आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटने का फैसला किया। इनमें चार महिला और एक पुरुष कैडर शामिल हैं, जिन पर कुल 9 लाख रुपये का इनाम घोषित था।
‘पूना मारगेम’ अभियान के तहत सरेंडर
यह आत्मसमर्पण ‘पूना मारगेम- पुनर्वास से पुनर्जीवन’ पहल के तहत पुलिस लाइन कारली में आयोजित कार्यक्रम में हुआ। इस दौरान सुरक्षा बलों और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
इनामी कैडर भी शामिल
आत्मसमर्पण करने वालों में 5 लाख की इनामी एसीएम सोमे कड़ती के साथ 1-1 लाख के इनामी कैडर लखमा ओयाम, सरिता पोड़ियाम, जोगी कलमू और मोटी ओयाम शामिल हैं। सभी लंबे समय से नक्सल संगठन में सक्रिय थे।
वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी
कार्यक्रम में सुंदरराज पी, देवेश ध्रुव और गौरव राय सहित सीआरपीएफ और जिला प्रशासन के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
पुनर्वास की ओर बढ़े कदम
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आत्मसमर्पण करने वाले सभी कैडरों को शासन की पुनर्वास नीति के तहत सहायता दी जाएगी और उन्हें समाज की मुख्यधारा में जोड़ने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
लगातार हो रहे सरेंडर से दंतेवाड़ा और बस्तर क्षेत्र में नक्सल संगठन की पकड़ कमजोर होती नजर आ रही है, वहीं सुरक्षा बलों को उम्मीद है कि आने वाले समय में और कैडर भी हिंसा का रास्ता छोड़ेंगे।