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Anti-Naxal Operation: Major success in Bijapur; 18 people, including notorious Naxalite Papa Rao, surrender
बीजापुर। छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद के खिलाफ चल रही निर्णायक लड़ाई के बीच सुरक्षाबलों को बड़ी सफलता मिली है। कुख्यात नक्सली कमांडर पापा राव ने अपने 17 साथियों के साथ कुटरू थाने में आत्मसमर्पण कर दिया। लंबे समय से वांछित पापा राव पर 25 लाख रुपये का इनाम घोषित था।
नक्सली पापा रो के सुरेंद्र पर डिप्टी सीएम रह मंत्री विजय शर्मा ने ट्वीट कर इसकी जानकारी दी। उन्होंने अपने ट्वीट पर लिखा- अंतिम नक्सली (DKSZC स्तर) जिनका ग्रुप छत्तीसगढ़ में सक्रिय था - उस ग्रुप ने भी आज पुनर्वास कर लिया।
नाम - पापाराव + 17, 8 AK-47 तथा अन्य हथियारों के साथ। जिला बीजापुर, कूटरू।
वेस्ट बस्तर का बड़ा कमांडर रहा
पापा राव, जिसका असली नाम मंगू दादा उर्फ चंद्रन्ना बताया जा रहा है, पिछले दो दशकों से माओवादी संगठन में सक्रिय था। वह वेस्ट बस्तर डिवीजन का प्रमुख कमांडर था और कई बड़े नक्सली हमलों की साजिश में उसकी भूमिका बताई जाती रही है।
बताया जाता है कि हिडमा के मारे जाने के बाद पापा राव क्षेत्र का सबसे अनुभवी और खतरनाक कमांडर बन गया था।
सुरक्षा बलों के लिए बड़ी उपलब्धि
पापा राव कई बार सुरक्षाबलों की घेराबंदी से बच निकलने में सफल रहा था। ऐसे में उसका सरेंडर सुरक्षा एजेंसियों के लिए बड़ी कामयाबी माना जा रहा है। उसके साथ 17 नक्सलियों का आत्मसमर्पण नक्सल संगठन के कमजोर होने का संकेत माना जा रहा है।
आदिवासी इलाकों में राहत
सरेंडर की खबर सामने आने के बाद बस्तर के आदिवासी क्षेत्रों में राहत का माहौल है। स्थानीय लोगों का मानना है कि पापा राव के मुख्यधारा में आने से नक्सलवाद की जड़ें और कमजोर होंगी।
नक्सल मुक्त बस्तर लक्ष्य के करीब
केंद्र सरकार ने मार्च 2026 तक बस्तर को नक्सल मुक्त बनाने का लक्ष्य रखा है। वर्ष 2025-26 में अब तक सैकड़ों नक्सली आत्मसमर्पण कर चुके हैं। ऐसे में पापा राव का सरेंडर इस अभियान का निर्णायक मोड़ माना जा रहा है।
अंतिम नक्सली (DKSZC स्तर) जिनका ग्रुप छत्तीसगढ़ में सक्रिय था - उस ग्रुप ने भी आज पुनर्वास कर लिया। नाम - पापाराव + 17, 8 AK-47 तथा अन्य हथियारों के साथ। जिला बीजापुर, कूटरू। @narendramodi @AmitShah @blsanthosh @NitinNabin @vishnudsai @BJP4CGState @BJP4India