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Chhattisgarh Crime: Leopard skin smuggling busted, 9 accused arrested
रायपुर। वन्यजीव संरक्षण को लेकर चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत वन विभाग को बड़ी सफलता मिली है। केदार कश्यप के मार्गदर्शन और अरुण कुमार पाण्डेय के नेतृत्व में 19 मार्च को केशकाल वनमंडल और राज्य स्तरीय उड़नदस्ता दल ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए तेंदुए की खाल की तस्करी में शामिल 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया।
मुखबिर की सूचना पर रची गई योजना
वन विभाग को मिली गुप्त सूचना के आधार पर टीम ने योजनाबद्ध तरीके से जाल बिछाया। एक कर्मचारी ने खरीदार बनकर तस्करों से संपर्क किया। जैसे ही आरोपी मोटरसाइकिल और एक वाहन में तेंदुए की खाल लेकर रसगांव-बड़ेडोंगर मार्ग स्थित ग्राम बैलगांव पहुंचे, टीम ने घेराबंदी कर 7 आरोपियों को मौके पर ही दबोच लिया।
मुख्य आरोपी भी गिरफ्तार
पूछताछ के दौरान आरोपियों ने खुलासा किया कि तेंदुए का शिकार करीब 7 महीने पहले अवैध हथियार (भरमार बंदूक) से किया गया था। उनकी निशानदेही पर मुख्य आरोपी को अगले दिन नारायणपुर जिले के ग्राम बोरावण्ड से गिरफ्तार किया गया। साथ ही शिकार में प्रयुक्त बंदूक भी बरामद की गई। बरामद तेंदुए की खाल की लंबाई 195 सेंटीमीटर और चौड़ाई 45 सेंटीमीटर पाई गई है।
वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत कार्रवाई
वनमंडलाधिकारी दिव्या गौतम के निर्देशन में आरोपियों के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 (संशोधित 2022) के तहत मामला दर्ज किया गया है। सभी आरोपी कोंडागांव, दंतेवाड़ा, बस्तर और नारायणपुर जिलों के निवासी बताए जा रहे हैं।
सख्त कार्रवाई जारी रखने का दावा
वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि वन्यजीवों के अवैध शिकार और तस्करी पर रोक लगाने के लिए आगे भी ऐसे अभियान जारी रहेंगे। राज्य सरकार जैव विविधता संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है।