

Copyright © 2026 rights reserved by Inkquest Media
अन्य समाचार

Auto-rickshaws and e-rickshaws in Durg to be digitally registered via QR codes.
दुर्ग। जिले में ऑटो रिक्शा और ई-रिक्शा की पहचान एवं सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए यातायात पुलिस ने एक नई पहल शुरू की है। रविवार को पुलिस कंट्रोल रूम सेक्टर-6 में उप महानिरीक्षक/वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक दुर्ग ने ऑटो एवं ई-रिक्शा में QR कोड लगाने की प्रक्रिया और ऑटो रजिस्ट्रेशन पोर्टल का शुभारंभ किया। इस व्यवस्था के तहत जिले के प्रत्येक ऑटो और ई-रिक्शा का डिजिटल पंजीयन किया जाएगा और रजिस्ट्रेशन के बाद वाहन को एक विशेष QR कोड उपलब्ध कराया जाएगा।

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, दुर्ग जिला ऑटो को QR कोड के माध्यम से डिजिटल रूप से रजिस्टर करने वाला छत्तीसगढ़ का तीसरा जिला बनेगा। इस व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य ऑटो वाहन और चालक की पहचान को पुलिस रिकॉर्ड से जोड़ना है, ताकि किसी भी घटना, अपराध या आपात स्थिति में संबंधित वाहन और चालक की जानकारी पुलिस को तत्काल उपलब्ध हो सके।
करीब 16 हजार ऑटो-ई-रिक्शा होंगे रजिस्टर्ड
पुलिस अधीक्षक विजय अग्रवाल ने बताया कि जिले में लगभग 16 हजार ऑटो रिक्शा और ई-रिक्शा संचालित हो रहे हैं। इन सभी का QR कोड के माध्यम से पंजीयन कराया जाएगा। रजिस्ट्रेशन के दौरान वाहन और चालक से संबंधित आवश्यक बेसिक जानकारी यातायात पुलिस के पास सुरक्षित रहेगी।
उन्होंने बताया कि किसी ऑटो की पहचान करने की जरूरत पड़ने पर QR कोड को स्कैन कर उसके संबंध में उपलब्ध जानकारी हासिल की जा सकेगी। इसके साथ ही ऑटो चालकों को आई-कार्ड (ID Card) भी उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे उनकी पहचान स्थापित करने में आसानी होगी।
महिला और बच्चों की सुरक्षा पर विशेष जोर
पुलिस अधीक्षक विजय अग्रवाल ने बताया कि ऑटो और ई-रिक्शा का इस्तेमाल बड़ी संख्या में महिलाएं और बच्चे करते हैं। ऐसे में प्रत्येक वाहन और चालक का पंजीयन पुलिस के पास होना सुरक्षा की दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के कुछ अन्य जिलों में भी इस तरह की व्यवस्था लागू की गई है और वहां इसके सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं।
पुलिस का मानना है कि किसी घटना की स्थिति में यदि संबंधित ऑटो का नंबर, QR कोड या चालक की पहचान उपलब्ध हो, तो जांच और कार्रवाई को तेजी से आगे बढ़ाया जा सकता है। यह व्यवस्था यात्रियों के साथ-साथ ऑटो चालकों की सुरक्षा के लिहाज से भी उपयोगी साबित हो सकती है।

एक सप्ताह में शत-प्रतिशत रजिस्ट्रेशन का लक्ष्य
यातायात पुलिस दुर्ग ने जिले के सभी ऑटो एवं ई-रिक्शा का रजिस्ट्रेशन आगामी एक सप्ताह के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा और ऑटो चालक संघों के माध्यम से भी चालकों को पंजीयन के लिए प्रेरित किया जाएगा।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि फिलहाल ऑटो चालकों को एक सप्ताह की अवधि दी गई है, जिसमें उन्हें अपने वाहन का QR कोड रजिस्ट्रेशन कराना होगा। पुलिस ने सभी ऑटो चालकों से अपील की है कि वे निर्धारित अवधि में अपना पंजीयन कराकर इस सुरक्षा व्यवस्था का हिस्सा बनें।
घटना की स्थिति में मिलेगी त्वरित पहचान
नई व्यवस्था के तहत QR कोड सिर्फ वाहन की पहचान का माध्यम नहीं होगा, बल्कि यह पुलिस के पास उपलब्ध डिजिटल रिकॉर्ड से जुड़ा रहेगा। किसी ऑटो के संबंध में जानकारी प्राप्त करनी हो, किसी घटना में वाहन की भूमिका सामने आए या तत्काल चालक की पहचान करनी हो, तो QR कोड के जरिए संबंधित विवरण तक पहुंचने में पुलिस को मदद मिलेगी।
एसएसपी दुर्ग ने कहा कि यह पूरी प्रक्रिया ऑटो चालकों के साथ-साथ आम नागरिकों की सुरक्षा को ध्यान में रखकर शुरू की गई है। उन्होंने सभी ऑटो चालकों से अभियान में सहयोग करने और शत-प्रतिशत पंजीयन सुनिश्चित करने की अपील की।
कार्यक्रम में ये रहे मौजूद
QR कोड रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया के शुभारंभ के दौरान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कौशलेंद्र पटेल, यातायात विभाग के अधिकारी, जनहित फाउंडेशन के ऋषभ सोनी तथा लॉयन्स क्लब के पदाधिकारी उपस्थित रहे।
यातायात पुलिस का कहना है कि ऑटो और ई-रिक्शा के डिजिटल रजिस्ट्रेशन से जिले में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था की निगरानी मजबूत होगी और जरूरत पड़ने पर पुलिस को किसी वाहन अथवा चालक की पहचान करने में महत्वपूर्ण सहायता मिलेगी।