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Big action by CBI in Mahadev App betting scam,
नई दिल्ली। महादेव ऑनलाइन सट्टेबाजी घोटाले की जांच में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने बड़ा कदम उठाते हुए छह नए आरोप पत्र (चार्जशीट) अदालत में दाखिल किए हैं। एजेंसी ने इस कार्रवाई में असीम दास, रोहित गुलाटी, विकास छापरिया, अनिल धम्मानी, विशाल आहूजा और धीरज अहूजा समेत छह आरोपियों को नामजद किया है। इन पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 तथा भारतीय दंड संहिता (IPC) की धोखाधड़ी, जालसाजी और आपराधिक साजिश जैसी गंभीर धाराओं के तहत आरोप लगाए गए हैं।
सीबीआई ने इस मामले के मुख्य सरगना माने जाने वाले सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल के खिलाफ भी अदालत में अतिरिक्त साक्ष्य प्रस्तुत किए हैं। दोनों पहले से ही इस मामले में आरोपी हैं और विदेश में फरार बताए जाते हैं।
66 अन्य आरोपियों के खिलाफ भी पांच चार्जशीट
जांच एजेंसी ने इस मामले के समानांतर हिस्से में 66 अन्य आरोपियों के खिलाफ पांच और आरोप पत्र दाखिल किए हैं। इनमें महादेव ऐप सिंडिकेट के कई प्रमुख सदस्य शामिल हैं, जिन पर अवैध सट्टेबाजी से अर्जित रकम को मनी लॉन्ड्रिंग के जरिए छिपाने और नेटवर्क संचालित करने का आरोप है। इन मामलों में भारतीय दंड संहिता और छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई है।
देशभर में फैला था अवैध सट्टेबाजी का नेटवर्क
सीबीआई के अनुसार, महादेव ऑनलाइन बुक नेटवर्क देश के सबसे बड़े अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी सिंडिकेट में से एक है। सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए लाखों लोगों को इस नेटवर्क से जोड़ा गया। देशभर में अलग-अलग सट्टेबाजी पैनल बनाकर अवैध कारोबार संचालित किया गया और फर्जी बैंक खातों (म्यूल अकाउंट्स) के जरिए करोड़ों रुपये की काली कमाई को वैध दिखाने की कोशिश की गई। बाद में यह रकम विदेशों में ट्रांसफर की गई।
जांच में यह भी सामने आया है कि अवैध कमाई का एक हिस्सा कथित तौर पर संरक्षण और रिश्वत के रूप में कुछ लोक सेवकों तक भी पहुंचाया जाता था।
विदेश में बैठे हैं मुख्य आरोपी
सीबीआई के मुताबिक, महादेव ऐप के प्रमोटर और उनके कई सहयोगी वर्षों पहले भारत छोड़कर पश्चिम एशियाई देशों में चले गए थे और वहीं से पूरे नेटवर्क का संचालन कर रहे हैं। इन आरोपियों के खिलाफ इंटरपोल की ओर से रेड कॉर्नर नोटिस जारी किए जा चुके हैं। साथ ही उन्हें भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित करने की कानूनी प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है ताकि भारत में मौजूद उनकी संपत्तियों को जब्त किया जा सके।
जांच अभी जारी
सीबीआई ने स्पष्ट किया है कि महादेव ऐप घोटाले की जांच अभी जारी है। एजेंसी का कहना है कि इस नेटवर्क से जुड़े राजनीतिक, प्रशासनिक और आर्थिक संरक्षण की भी जांच की जा रही है। जैसे-जैसे नए साक्ष्य सामने आएंगे, आगे भी पूरक चार्जशीट दाखिल की जाएंगी।