

Copyright © 2026 rights reserved by Inkquest Media
अन्य समाचार

Big relief for Nikhil Dwivedi’s production house from the Bombay High Court; IMPPA’s decision quashed.
मुंबई। निर्माता निखिल द्विवेदी और उनके प्रोडक्शन बैनर सफ्रॉन मैजिकवर्क्स प्राइवेट लिमिटेड को बॉम्बे हाई कोर्ट से बड़ी कानूनी राहत मिली है। अदालत ने इंडियन मोशन पिक्चर प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन (IMPPA) की डिस्प्यूट रेजोल्यूशन कमेटी द्वारा कंपनी के खिलाफ दिए गए फैसले को रद्द कर दिया है। न्यायमूर्ति आरिफ एस. डॉक्टर ने 23 अक्टूबर 2026 को आदेश पारित करते हुए मुकदमे का निपटारा कर दिया। इस फैसले को प्रोडक्शन हाउस के लिए महत्वपूर्ण कानूनी जीत माना जा रहा है।
सफ्रॉन मैजिकवर्क्स प्राइवेट लिमिटेड ने 3 जुलाई 2026 को IMPPA की डिस्प्यूट रेजोल्यूशन कमेटी के फैसले को चुनौती देते हुए बॉम्बे हाई कोर्ट का रुख किया था। कंपनी ने एसोसिएशन के फैसले को रद्द करने की मांग की थी। मामले की सुनवाई के बाद अदालत ने विवादित फैसले को निरस्त कर दिया और मुकदमे का निपटारा कर दिया।
इससे पहले 9 सितंबर 2026 को अदालत ने अंतरिम आदेश जारी किया था। इसके तहत IMPPA को विवादित फैसले के आधार पर सफ्रॉन मैजिकवर्क्स को डिफॉल्टर घोषित करने से रोक दिया गया था। इस आदेश से कंपनी को अंतरिम राहत मिली थी। अब 23 अक्टूबर के अंतिम आदेश के बाद मामले का निपटारा हो गया है।
सफ्रॉन मैजिकवर्क्स की ओर से पैरवी करने वाली कानूनी फर्म आनंद एंड नाइक की मधु गडोदिया ने इस घटनाक्रम पर आधिकारिक बयान जारी किया। बयान के अनुसार, कंपनी ने IMPPA की डिस्प्यूट रेजोल्यूशन कमेटी के फैसले को अदालत में चुनौती दी थी। न्यायमूर्ति आरिफ एस. डॉक्टर ने 23 अक्टूबर को आदेश पारित कर फैसले को रद्द करते हुए मुकदमे का निपटारा कर दिया।
इस मामले में सफ्रॉन मैजिकवर्क्स की ओर से रश्मिन खांडेकर, ध्रुव गांधी, मधु गडोदिया, विवेक द्विवेदी, विनीता दांडेकर और आर्यन गर्ग ने पैरवी की। उन्हें आनंद एंड नाइक की ओर से निर्देश दिए गए थे।
कंपनी की कानूनी टीम ने इस आदेश को महत्वपूर्ण घटनाक्रम बताया है। जारी बयान के मुताबिक, अदालत के फैसले के बाद संबंधित विवादित आदेश रद्द हो गया है और मुकदमे का निपटारा कर दिया गया है। कंपनी की ओर से इसे कानूनी प्रक्रिया में महत्वपूर्ण उपलब्धि माना गया है।