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Budget Session 2026: No-confidence motion against Speaker Om Birla to be discussed in Lok Sabha today
नई दिल्ली। संसद के बजट सत्र के दूसरे चरण की शुरुआत आज सोमवार से होने जा रही है और पहले ही दिन लोकसभा में सियासी माहौल गर्म रहने के आसार हैं। सत्र की शुरुआत लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा से होगी। विपक्ष ने सदन के संचालन में पक्षपात का आरोप लगाते हुए यह प्रस्ताव दिया है, जिस पर संसद में तीखी बहस की संभावना है। Budget Session 2026
स्पीकर पर पक्षपात के आरोप, विपक्ष ने दिया अविश्वास प्रस्ताव
बजट सत्र के पहले चरण में विपक्षी दलों ने आरोप लगाया था कि स्पीकर ओम बिरला सदन की कार्यवाही के संचालन में निष्पक्ष नहीं रहे। इसी मुद्दे को लेकर कांग्रेस सहित कई विपक्षी दलों ने उनके खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस दिया था। इस प्रस्ताव पर विपक्ष के 118 सांसदों के हस्ताक्षर बताए जा रहे हैं।
पहले चरण में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव की चर्चा के दौरान नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को बोलने का अवसर नहीं मिलने पर विपक्ष ने कड़ा विरोध दर्ज कराया था। इसी के बाद अविश्वास प्रस्ताव लाने का फैसला किया गया।
तृणमूल कांग्रेस का भी समर्थन
शुरुआत में अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस ने प्रस्ताव पर हस्ताक्षर नहीं किए थे और पहले बातचीत की वकालत की थी। हालांकि सत्र शुरू होने से ठीक पहले पार्टी ने भी स्पीकर के खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव का समर्थन करने की घोषणा कर दी है। इससे सदन में इस मुद्दे पर विपक्ष का दबाव और बढ़ सकता है।
विदेश नीति पर भी सरकार घिरेगी
संसद में एक और बड़ा मुद्दा अमेरिका की वह घोषणा है जिसमें भारत को रूस से तेल खरीदने की अनुमति देने की बात कही गई है। अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच इस बयान को लेकर विपक्ष सरकार पर सवाल उठा रहा है। विपक्षी दलों का कहना है कि यह भारत की रणनीतिक स्वतंत्रता से जुड़ा मामला है और इस पर सरकार को संसद में स्पष्ट जवाब देना चाहिए।
मतदाता सूची पुनरीक्षण पर चुनाव आयोग पर आरोप
इसके अलावा कई राज्यों में मतदाता सूचियों के विशेष सघन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान बड़ी संख्या में नाम हटाए जाने का मुद्दा भी संसद में गूंज सकता है। अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस और द्रविड़ मुन्नेत्र कज़गम सहित कई विपक्षी दलों ने चुनाव आयोग पर भाजपा के दबाव में काम करने का आरोप लगाया है।
विपक्ष का दावा है कि पश्चिम बंगाल से लेकर तमिलनाडु तक लाखों मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए हैं, जबकि सरकार और चुनाव आयोग इन आरोपों को निराधार बताते रहे हैं। Lok Sabha
पहले दिन से ही टकराव के संकेत
इन तमाम मुद्दों के चलते बजट सत्र के दूसरे चरण की शुरुआत ही तीखे राजनीतिक टकराव के साथ होने की संभावना है। लोकसभा में स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा और अन्य राजनीतिक मुद्दों को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच जोरदार बहस देखने को मिल सकती है।