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Bulldozers used against accused in the illicit liquor case; major action by the administration in Sagar.
सागर। मध्य प्रदेश के सागर जिले में जहरीली शराब कांड के आरोपियों के खिलाफ प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। गुरुवार को प्रशासन की टीम ने तीन आरोपितों में से दो के मकान और एक आरोपी के शराब गोदाम को बुलडोजर चलाकर ध्वस्त कर दिया। कार्रवाई के दौरान भारी प्रशासनिक अमला मौके पर मौजूद रहा।
जिन आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की गई, उनमें ततरवारा गांव का सरपंच चंद्रभान उर्फ चंदू सिंह राजपूत भी शामिल है। वह करणी सेना का संभागीय अध्यक्ष भी बताया जा रहा है। बंडा कस्बे में करीब 2500 वर्गफीट क्षेत्र में बनी उसकी आलीशान कोठी को प्रशासन ने बुलडोजर से ढहा दिया।
कोठी को पूरी तरह ध्वस्त करने में प्रशासन की टीम को पांच घंटे से अधिक समय लगा। बताया गया कि भवन का अधिकांश हिस्सा करीब एक साल पहले ही बनाया गया था। मकान इतना बड़ा था कि परिसर में करीब 10 वाहन आसानी से खड़े किए जा सकते थे।
प्रशासन के अनुसार, कोठी का निर्माण बिना अनुमति के किया गया था। जहरीली शराब कांड में सरपंच की कथित संलिप्तता सामने आने के बाद प्रशासन का ध्यान इस निर्माण की ओर गया। इसके बाद भवन की जांच कर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई।
प्रशासन की टीम ने आबकारी ठेकेदार मनीष लोधी उर्फ यशवंत ठाकुर के शराब गोदाम पर भी कार्रवाई की। गोदाम बंडा कस्बे के वार्ड नंबर 11 में स्थित था। टीम के पहुंचने के बाद मौके पर मौजूद एक महिला कुछ दस्तावेज लेकर अधिकारियों से ध्वस्तीकरण रोकने की गुहार लगाती रही। हालांकि अधिकारियों ने कार्रवाई नहीं रोकी। इसके बाद बुलडोजर से गोदाम को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया गया।
जहरीली शराब कांड के बाद प्रशासन आरोपितों के खिलाफ लगातार कार्रवाई कर रहा है। इसी क्रम में गुरुवार को अवैध या बिना अनुमति किए गए निर्माणों को निशाना बनाया गया। प्रशासन की इस कार्रवाई को कांड से जुड़े आरोपितों पर सख्ती के तौर पर देखा जा रहा है।