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CG Assembly Monsoon Session: Opposition to grill the government; issues ranging from the Nakti controversy to 'Mahtari Vandan' and teacher recruitment set to heat up the proceedings.
रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा का मानसून सत्र 13 जुलाई से शुरू होने जा रहा है। पांच दिनों तक चलने वाले इस सत्र में सरकार को कई संवेदनशील और जनहित से जुड़े मुद्दों पर विपक्ष के तीखे सवालों का सामना करना पड़ सकता है। नकटी गांव विवाद, स्कूलों में मंत्रोच्चार की अनिवार्यता, शिक्षक भर्ती, महतारी वंदन योजना, साड़ी खरीदी, खाद-बीज की उपलब्धता और पंचायतों के कामकाज जैसे विषय सदन में प्रमुखता से उठने की संभावना है।
विधायकों ने विभिन्न विभागों से बड़ी संख्या में सवाल पूछे हैं। महिला एवं बाल विकास विभाग से 77 प्रश्नों के उत्तर मांगे गए हैं, जिनमें महतारी वंदन योजना, मंगलसूत्र वितरण और साड़ी खरीदी से जुड़े विषय शामिल हैं। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग तथा राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग से 50-50 से अधिक सवाल पूछे गए हैं। वहीं स्कूल शिक्षा विभाग से भी 53 प्रश्नों के जवाब मांगे गए हैं।
इस बार सत्र में नकटी गांव विवाद राजनीतिक रूप से अहम मुद्दा बन सकता है। इसके अलावा सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन, भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता, किसानों को खाद-बीज की उपलब्धता और विभिन्न प्रशासनिक निर्णयों को लेकर विपक्ष सरकार को घेरने की तैयारी में है।
फरवरी 2024 से फरवरी 2026 के बीच विधानसभा में कुल 11,526 प्रश्न पूछे गए। इनमें लगभग 7 हजार सवाल विपक्षी विधायकों ने उठाए, जबकि सत्ता पक्ष के विधायकों ने करीब 4,500 प्रश्न किए। भाजपा के धरमलाल कौशिक, अजय चंद्राकर और भावना बोहरा ने सबसे अधिक 264-264 सवाल पूछे। कांग्रेस विधायक भोलाराम साहू ने भी 264 प्रश्न लगाए, जबकि नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरण दास महंत ने 256 सवालों के माध्यम से विभिन्न मुद्दों को उठाया। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इस अवधि में 72 प्रश्न पूछे।
जुलाई 2026 के मानसून सत्र के लिए अब तक कुल 1,033 प्रश्न विधानसभा सचिवालय में दर्ज किए गए हैं। पांच बैठकों वाले इस सत्र में नियमों के अनुसार प्रत्येक विधायक के अधिकतम 20 प्रश्न ही सूचीबद्ध किए जा सकते हैं। इस बार 36 विधायकों ने अपने पूरे 20-20 प्रश्न लगाए हैं। इनमें डॉ. चरण दास महंत, कवासी लखमा, उमेश पटेल, अजय चंद्राकर और धरमलाल कौशिक सहित कई प्रमुख विधायक शामिल हैं।
बड़ी संख्या में लगाए गए सवालों और जनहित से जुड़े मुद्दों को देखते हुए माना जा रहा है कि इस बार विधानसभा का मानसून सत्र काफी गर्म रहने वाला है। सरकार और विपक्ष के बीच विभिन्न नीतियों, योजनाओं और प्रशासनिक फैसलों को लेकर तीखी बहस देखने को मिल सकती है।