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CG Fraud News: Lured by promises of earnings from leaf-plate making machines, over 50 people across 5 states were defrauded of ₹2.5 crore.
रायपुर। छत्तीसगढ़ में डिजिटल अरेस्ट और नौकरी के नाम पर ठगी के मामलों के बीच अब रोजगार और मोटी कमाई का झांसा देकर करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। राजधानी रायपुर के डीडी नगर थाना क्षेत्र में दर्ज शिकायत के अनुसार, दोना-पत्तल बनाने की मशीन दिलाने और हर महीने 60 से 70 हजार रुपये की आय का लालच देकर छत्तीसगढ़ समेत पांच राज्यों के 50 से अधिक लोगों से करीब 2.5 करोड़ रुपये की ठगी की गई है। पुलिस ने शिकायत मिलने के बाद मामले की जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के मुताबिक, छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों के साथ-साथ मध्य प्रदेश, बिहार और झारखंड से आए 50 से अधिक पीड़ित डीडी नगर थाना पहुंचे और आरोपी संचालक शैलेंद्र रजक के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। पीड़ितों का आरोप है कि उन्हें सुनियोजित तरीके से निवेश के लिए प्रेरित किया गया और बाद में वादे पूरे नहीं किए गए।
पीड़ितों के अनुसार, ठगी का पूरा नेटवर्क भारती महिला शक्ति फाउंडेशन और उसके संचालक शैलेंद्र रजक द्वारा संचालित किया गया। लोगों को बताया गया कि लगभग 3.75 लाख रुपये की दोना-पत्तल मशीन खरीदने पर संस्था तैयार उत्पाद (फिनिश्ड माल) को वापस खरीदेगी। इसके बदले हर महीने 60 से 70 हजार रुपये की निश्चित कमाई का दावा किया गया।
पीड़ितों का कहना है कि मशीन खरीदने के बाद न तो संस्था ने तैयार माल की खरीद की और न ही मशीन की सर्विसिंग या रखरखाव की कोई व्यवस्था की। लगातार संपर्क करने के बावजूद उन्हें केवल आश्वासन मिलता रहा, जिससे लाखों रुपये निवेश करने वाले लोग आर्थिक संकट में आ गए।
इस कथित ठगी का शिकार समाज के अलग-अलग वर्गों के लोग बने हैं। इनमें देश की सीमा पर सेवा दे चुके एक रिटायर्ड फौजी से लेकर गरीब महिलाएं और रोजगार की तलाश कर रहे कई परिवार शामिल हैं। पीड़ितों का कहना है कि उन्होंने बेहतर भविष्य और स्थायी आय की उम्मीद में अपनी जीवनभर की जमा-पूंजी निवेश कर दी।
शुरुआती जांच में छत्तीसगढ़ के पांच जिलों सहित मध्य प्रदेश, बिहार और झारखंड के 50 से अधिक लोगों से करीब 2.5 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की बात सामने आई है। डीडी नगर थाना पुलिस ने सभी शिकायतों और दस्तावेजों की जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।