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CG News: Big decision of High Court, transfer from Municipality to Municipal Corporation declared illegal
बिलासपुर। एक अहम फैसले में हाई कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि नगर पालिका के अधिकारियों और कर्मचारियों को सीधे नगर निगम में स्थानांतरित करना नियमों के खिलाफ है। कोर्ट ने इस तरह के तबादले को वैधानिक प्रावधानों से परे बताते हुए निरस्त कर दिया।
कुम्हारी के अधिकारी के मामले में मिला न्याय, ट्रांसफर आदेश खत्म
यह निर्णय नगर पालिका कुम्हारी, जिला दुर्ग के मुख्य नगर पालिका अधिकारी नेतराम चंद्राकर से जुड़े मामले में आया। राज्य सरकार ने 26 दिसंबर 2024 को उनका तबादला रायपुर नगर निगम में उपायुक्त के पद पर किया था। इस आदेश को चुनौती देते हुए उन्होंने न्यायालय की शरण ली थी।
अलग-अलग कानूनों के चलते ट्रांसफर असंभव: कोर्ट की स्पष्ट टिप्पणी
मामले की सुनवाई के दौरान यह तर्क सामने आया कि नगर पालिका और नगर निगम दोनों अलग-अलग कानूनों के तहत संचालित होते हैं। ऐसे में एक निकाय से दूसरे निकाय में सीधा तबादला करना वैधानिक रूप से संभव नहीं है। कोर्ट ने इस दलील को स्वीकार करते हुए तबादला आदेश को अमान्य घोषित कर दिया।
प्रशासनिक फैसलों पर बड़ा असर, भविष्य के मामलों के लिए बना उदाहरण
इस फैसले को स्थानीय निकायों में प्रशासनिक प्रक्रिया के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इससे यह साफ हो गया है कि भविष्य में इस तरह के तबादलों को लेकर सरकार को कानूनी सीमाओं का पालन करना होगा।
विवाद की शुरुआत ऐसे हुई, जानिए पूरा मामला
राज्य सरकार के आदेश के तहत चंद्राकर को रायपुर नगर निगम भेजा गया था, जबकि उनकी जगह सौरभ वाजपेयी को कुम्हारी में प्रभारी मुख्य नगर अधिकारी नियुक्त किया गया। इस फैसले को चुनौती देते हुए याचिका दायर की गई थी, जिस पर अब हाई कोर्ट ने स्पष्ट और निर्णायक आदेश दिया है।