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CG News: CM Sai takes a tough stance on the delay in the construction of the Khambhatha bridge; directs Collectors to complete the work within the stipulated timeframe.
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रदेश में चल रहे विकास एवं निर्माण कार्यों को लेकर अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि जनसुविधा से जुड़े निर्माण कार्यों को तय समयसीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा करना संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी है। विकास कार्यों में अनावश्यक देरी और लापरवाही किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने सभी जिला कलेक्टरों को निर्देशित किया है कि वे अपने-अपने जिलों में चल रहे निर्माण कार्यों की नियमित निगरानी करें। जिन परियोजनाओं में काम की गति धीमी है, वहां आने वाली बाधाओं की पहचान कर तत्काल उनका समाधान किया जाए और निर्माण कार्यों में तेजी लाई जाए।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने गरियाबंद जिले के मैनपुर विकासखंड के खामभाठा क्षेत्र में निर्माणाधीन पुल के कारण स्कूली बच्चों और ग्रामीणों को हो रही परेशानी को गंभीरता से लिया है। पुल निर्माण की वजह से स्थानीय लोगों के आवागमन में दिक्कतों के साथ-साथ बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी चिंताएं सामने आई थीं।
जानकारी मिलते ही मुख्यमंत्री ने मामले में तत्काल हस्तक्षेप करते हुए गरियाबंद कलेक्टर रणबीर शर्मा से दूरभाष पर चर्चा की और निर्माणाधीन पुल की वर्तमान स्थिति की जानकारी ली।
मुख्यमंत्री ने कलेक्टर को निर्देश दिए कि पुल निर्माण के लिए निश्चित समयसीमा तय की जाए और उसी अवधि में निर्माण कार्य को गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा कराया जाए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि निर्माण कार्य में अनावश्यक देरी के लिए जिम्मेदारी तय की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास कार्यों में देरी का सीधा असर आम नागरिकों पर पड़ता है। सड़क, पुल-पुलिया, स्कूल और अन्य बुनियादी सुविधाओं से जुड़े कार्यों में समयबद्धता बेहद जरूरी है। ऐसे कार्यों में किसी भी तरह की लापरवाही जनता के हितों को प्रभावित करती है।
मुख्यमंत्री साय ने विशेष रूप से स्कूली बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पुल का निर्माण पूरा होने तक बच्चों और ग्रामीणों को जोखिम उठाकर आवागमन करने की स्थिति नहीं बननी चाहिए।
उन्होंने जिला प्रशासन को निर्देशित किया कि स्कूली बच्चों और क्षेत्रवासियों के लिए तत्काल सुरक्षित, सुगम और वैकल्पिक आवागमन की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि निर्माण कार्य के दौरान किसी प्रकार की दुर्घटना की आशंका न रहे।
मुख्यमंत्री ने निर्माणाधीन पुल स्थल पर सुरक्षा के सभी जरूरी इंतजाम तत्काल करने को कहा है। उन्होंने खुले और खतरनाक तरीके से लगे सरियों को सुरक्षित करने, गहरे गड्ढों को दुरुस्त करने और अन्य जोखिम वाले स्थानों को चिन्हित कर उन्हें सुरक्षित बनाने के निर्देश दिए।
जरूरत के अनुसार निर्माण स्थल पर बैरिकेडिंग सहित अन्य सुरक्षा उपाय भी सुनिश्चित करने को कहा गया है, ताकि वहां से गुजरने वाले ग्रामीणों और स्कूली बच्चों को किसी प्रकार का खतरा न हो।
मुख्यमंत्री ने पुल निर्माण में हुई देरी को लेकर जिम्मेदार अधिकारियों से जवाब तलब करने के निर्देश भी दिए हैं। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया कि जनहित से जुड़े निर्माण कार्यों में अनावश्यक विलंब को गंभीरता से लिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि स्वीकृत विकास कार्यों का लाभ नागरिकों को निर्धारित समय पर मिलना चाहिए। इसके लिए अधिकारियों को पूरी संवेदनशीलता, सक्रियता और जवाबदेही के साथ काम करना होगा।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सभी जिला कलेक्टरों को निर्देश दिया कि वे अपने जिलों में चल रहे विकास एवं निर्माण कार्यों की नियमित समीक्षा करें। निर्माण कार्यों की प्रगति में यदि किसी प्रकार की बाधा आ रही है तो उसका तत्काल समाधान किया जाए।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि सिर्फ कागजी समीक्षा तक सीमित रहने के बजाय निर्माण स्थलों का नियमित निरीक्षण भी किया जाए। कार्य की गुणवत्ता, प्रगति और सुरक्षा मानकों की लगातार निगरानी की जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य विकास कार्यों को केवल स्वीकृत करना नहीं, बल्कि उन्हें समय पर पूरा कराकर जनता तक उनका लाभ पहुंचाना है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सड़क, पुल-पुलिया, स्कूल और अन्य जनसुविधा से जुड़े निर्माण कार्यों में गुणवत्ता और समयसीमा दोनों का विशेष ध्यान रखा जाए।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि जनसुविधा और नागरिकों की सुरक्षा से जुड़े विकास कार्यों में किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार्य नहीं होगी। अधिकारियों की जवाबदेही तय करते हुए यह सुनिश्चित किया जाए कि विकास कार्य समय पर और गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरे हों।