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CG News: SECR creates history, becomes number one in the country with earnings of more than Rs 30 thousand crores
बिलासपुर। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने इस बार माल ढुलाई से कमाई के मामले में नया कीर्तिमान स्थापित किया है। एसईसीआर ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में 30 हजार करोड़ रुपये से अधिक का राजस्व अर्जित कर देश के सभी रेलवे जोनों को पीछे छोड़ दिया है।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, यह उपलब्धि 28 मार्च 2026 को ही हासिल कर ली गई थी, यानी 362 दिनों के भीतर ही यह आंकड़ा पार हो गया। 29 मार्च तक कुल आय बढ़कर 30,123.26 करोड़ रुपये तक पहुंच गई, जो अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन माना जा रहा है।
माल परिवहन से होने वाली कमाई में इस बार एसईसीआर देश में पहले स्थान पर रहा। आंकड़ों के मुताबिक,
एसईसीआर: 30,123 करोड़ रुपये
ईस्ट कोस्ट रेलवे: 28,967 करोड़ रुपये
ईस्ट सेंट्रल रेलवे: 24,311 करोड़ रुपये
साउथ ईस्टर्न रेलवे: 17,794 करोड़ रुपये
इस प्रदर्शन के साथ बिलासपुर जोन ने अपनी मजबूत पकड़ कायम रखते हुए अन्य बड़े जोनों को पीछे छोड़ दिया।
एसईसीआर की कमाई में सबसे बड़ा योगदान कोयला परिवहन का रहा। इसके अलावा स्टील प्लांट के लिए कच्चा माल, लौह अयस्क, सीमेंट और क्लिंकर की ढुलाई में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई। साथ ही कंटेनर ट्रैफिक और सामान्य माल परिवहन में भी तेजी आई, जिससे कुल राजस्व में बड़ा इजाफा हुआ।
रेलवे अधिकारियों का कहना है कि पिछले कुछ वर्षों में बुनियादी ढांचे पर विशेष ध्यान दिया गया। नई थर्ड और फोर्थ लाइन के निर्माण से ट्रेनों की आवाजाही आसान हुई।
इससे न केवल मालगाड़ियों की रफ्तार बढ़ी, बल्कि यात्री ट्रेनों की समयबद्धता और सेवा गुणवत्ता में भी सुधार आया।
इस शानदार प्रदर्शन के साथ दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने भारतीय रेलवे की कुल माल राजस्व में करीब 17.11 प्रतिशत का योगदान दिया है। पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 1015 करोड़ रुपये की अतिरिक्त आय दर्ज की गई, जो करीब 3.5 प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाती है।
रेलवे प्रबंधन के अनुसार, बेहतर योजना, सटीक निगरानी और त्वरित निर्णय लेने की क्षमता ने इस उपलब्धि में अहम भूमिका निभाई। अधिकारियों और कर्मचारियों के तालमेल और मेहनत का नतीजा ही है कि एसईसीआर ने यह मुकाम हासिल किया।
इस उपलब्धि ने न सिर्फ एसईसीआर की साख को मजबूत किया है, बल्कि भविष्य में और बेहतर प्रदर्शन के लिए नई संभावनाओं के द्वार भी खोल दिए हैं।