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CG News: WAMIS to be implemented in the Public Works Department; the entire construction process will go digital.
रायपुर। छत्तीसगढ़ के लोक निर्माण विभाग में निर्माण कार्यों के डिजिटल प्रबंधन के लिए वर्क एण्ड अकाउंट्स मैनेजमेंट इंटीग्रेशन सिस्टम (WAMIS) लागू किया जाएगा। इसके जरिए निर्माण कार्यों की स्वीकृति से लेकर ई-प्राक्कलन, ई-प्रोक्योरमेंट, ई-मेजरमेंट बुक (e-MB), बिल भुगतान, लेखा प्रबंधन और गुणवत्ता निगरानी तक की पूरी प्रक्रिया एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म पर संचालित होगी।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में 5 अगस्त को हुई कैबिनेट बैठक में लोक निर्माण विभाग में WAMIS लागू करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। सी-डैक (C-DAC), पुणे द्वारा विकसित इस प्रणाली को पहले लोक निर्माण विभाग में लागू किया जाएगा। इसके बाद इसे राज्य के अन्य निर्माण एवं अधोसंरचना विभागों तक विस्तारित करने की योजना है।
यह पहल उप मुख्यमंत्री एवं लोक निर्माण मंत्री अरुण साव द्वारा विभागीय कार्यों में पारदर्शिता, गुणवत्ता और समयबद्धता सुनिश्चित करने के लिए लगातार दिए जा रहे जोर का हिस्सा है।
WAMIS के जरिए निर्माण कार्यों के पूरे जीवन-चक्र को डिजिटल रूप से संचालित किया जा सकेगा। इसमें कार्य की प्रशासकीय और तकनीकी स्वीकृति, ऑनलाइन ई-प्राक्कलन, अनुमानित लागत का निर्धारण, निविदा प्रक्रिया का ई-प्रोक्योरमेंट से एकीकरण और ई-मेजरमेंट बुक जैसी सुविधाएं शामिल हैं।
इसके अलावा ठेकेदारों के बिल की ऑनलाइन तैयारी एवं भुगतान, मासिक लेखा, कैशबुक, बजट आवंटन के विरुद्ध व्यय प्रबंधन और अन्य वित्तीय प्रक्रियाएं भी इसी प्लेटफॉर्म से संचालित होंगी।
सिस्टम में निर्माण कार्यों की भौतिक एवं वित्तीय प्रगति की रियल-टाइम निगरानी की सुविधा होगी। जियो-टैग्ड छायाचित्रों के माध्यम से कार्य की गुणवत्ता और वास्तविक स्थिति पर भी नजर रखी जा सकेगी।
वरिष्ठ अधिकारी और शासन स्तर पर विभिन्न परियोजनाओं की प्रगति की समवर्ती निगरानी कर सकेंगे। इससे किसी कार्य में देरी या निर्धारित मानकों से संबंधित समस्या सामने आने पर समय रहते कार्रवाई की जा सकेगी।
WAMIS लागू होने से ठेकेदारों के देयकों की ऑनलाइन प्रक्रिया तेज होगी। इससे भुगतान में होने वाले अनावश्यक विलंब को कम करने में मदद मिलेगी और निर्माण परियोजनाओं की गति बढ़ेगी।
मापन और बिलिंग प्रक्रिया के डिजिटलीकरण तथा मानवीय हस्तक्षेप में कमी आने से त्रुटियों और अनियमितताओं की संभावना भी कम होगी।
WAMIS से लोक निर्माण विभाग की लेखा प्रणाली में भी सुधार होगा। महालेखाकार कार्यालय को प्रस्तुत की जाने वाली मासिक लेखा प्रविष्टियां सिस्टम के माध्यम से स्वतः तैयार की जा सकेंगी।
विभागीय परिसंपत्तियों और व्यय का एकीकृत डेटाबेस उपलब्ध रहने से भविष्य में योजनाओं और नीतियों के निर्धारण में भी मदद मिलेगी।
उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने बताया कि लोक निर्माण विभाग ने देश के विभिन्न राज्यों में प्रचलित कार्य एवं लेखा प्रबंधन प्रणालियों का तुलनात्मक अध्ययन किया। इसके बाद सी-डैक, पुणे द्वारा विकसित WAMIS को छत्तीसगढ़ की आवश्यकताओं के अनुरूप सबसे उपयुक्त पाया गया।
उन्होंने कहा कि इसी आधार पर प्रस्ताव तैयार कर मंत्रिपरिषद के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जिसे अब मंजूरी मिल गई है।
WAMIS लागू होने के बाद लोक निर्माण विभाग में निर्माण कार्यों की स्वीकृति से लेकर भुगतान तक की प्रक्रिया को कागजी औपचारिकताओं से मुक्त कर ऑनलाइन और अभिलेख-आधारित बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया जाएगा।
उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि जनता के धन से होने वाला प्रत्येक निर्माण कार्य गुणवत्तापूर्ण और निर्धारित समय-सीमा में पूरा होना चाहिए। WAMIS के माध्यम से विभाग की कार्यप्रणाली को पारदर्शी, अभिलेख-आधारित और जवाबदेह बनाने में मदद मिलेगी।