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CM Sai releases the book ‘Jashpur: Ek Parichay’; the book documents the journey from post-independence administrative changes to the current path of development.
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने भारतीय लोक प्रशासन संस्थान, नई दिल्ली द्वारा प्रकाशित पुस्तक ‘जशपुर : एक परिचय’ का विमोचन किया। पुस्तक में जशपुर जिले के इतिहास, प्रशासनिक विकास, सुशासन, सामाजिक-आर्थिक परिवर्तन, जनजातीय संस्कृति, प्राकृतिक संपदा और भविष्य की विकास संभावनाओं का व्यापक अध्ययन प्रस्तुत किया गया है।
इस अवसर पर भारतीय लोक प्रशासन संस्थान की छत्तीसगढ़ क्षेत्रीय शाखा, रायपुर के चेयरमैन एवं पूर्व मुख्य सचिव सुयोग्य कुमार मिश्रा, वाइस चेयरमैन एवं पूर्व अपर मुख्य सचिव डॉ. इंदिरा मिश्रा तथा वाइस चेयरमैन, पूर्व मुख्य सचिव एवं वर्तमान छत्तीसगढ़ राज्य निर्वाचन आयुक्त अजय सिंह उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री साय ने पुस्तक के प्रकाशन के लिए भारतीय लोक प्रशासन संस्थान की छत्तीसगढ़ क्षेत्रीय शाखा को बधाई दी। उन्होंने कहा कि जशपुर छत्तीसगढ़ के उन विशिष्ट अंचलों में शामिल है, जहां प्रकृति, संस्कृति और परंपराओं की समृद्ध विरासत के साथ विकास की अपार संभावनाएं मौजूद हैं।
उन्होंने कहा कि जशपुर की पहचान सुंदर पहाड़ों, घाटियों, नदियों, जलप्रपातों और घने वनों के साथ-साथ समृद्ध जनजातीय संस्कृति और परंपराओं से भी है। जिले की विकास यात्रा और प्रशासनिक अनुभवों को एक पुस्तक के रूप में दस्तावेजित करना सराहनीय पहल है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी क्षेत्र की विकास यात्रा को समझने के लिए उसके इतिहास, समाज, संस्कृति, प्राकृतिक संसाधनों और प्रशासनिक व्यवस्था का समग्र अध्ययन आवश्यक है। ‘जशपुर : एक परिचय’ इसी दृष्टि से महत्वपूर्ण दस्तावेज है।
पुस्तक में आजादी के बाद जशपुर की प्रशासनिक व्यवस्था में हुए बदलावों, वर्तमान प्रशासनिक संस्थाओं और कार्यप्रणाली के साथ जिले की विकास प्रक्रिया का अध्ययन किया गया है।
सीएम साय ने कहा कि जशपुर का सांस्कृतिक और पारिस्थितिक स्वरूप छत्तीसगढ़ के मैदानी एवं औद्योगिक क्षेत्रों से अलग है। छोटानागपुर पठार के विस्तारित भू-भाग का हिस्सा होने के कारण यहां की भौगोलिक संरचना, जलवायु, वन संपदा और आजीविका के स्वरूप की अपनी विशिष्ट पहचान है।
उन्होंने कहा कि पीढ़ियों से यहां निवासरत जनजातीय समुदायों ने अपनी परंपराओं और जीवन-पद्धति के साथ प्रकृति के साथ सह-अस्तित्व की संस्कृति को संरक्षित रखा है। यही विविधता जशपुर को अध्ययन और विकास दोनों दृष्टियों से महत्वपूर्ण बनाती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बीते वर्षों में जशपुर ने अधोसंरचना, ग्रामीण विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य, आजीविका संवर्धन और प्रशासनिक सुधारों के क्षेत्र में निरंतर प्रगति की है। भविष्य की योजनाओं में जिले की स्थानीय विशेषताओं और जरूरतों को केंद्र में रखना जरूरी है।
उन्होंने कहा कि इस तरह के अध्ययन प्रशासन को क्षेत्र की वास्तविक परिस्थितियों को समझने और विकास की भावी प्राथमिकताएं तय करने में उपयोगी आधार प्रदान करते हैं।
सीएम साय ने कहा कि दूरस्थ और जनजातीय क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, संचार, रोजगार और आजीविका के अवसरों का विस्तार जरूरी है। इसके साथ स्थानीय संस्कृति और प्राकृतिक संपदा का संरक्षण भी उतना ही महत्वपूर्ण है।
उन्होंने कहा कि कृषि, वनोपज, पर्यटन, स्थानीय उत्पादों तथा महिला एवं युवा उद्यमिता को बढ़ावा देकर जशपुर की अर्थव्यवस्था को और मजबूत किया जा सकता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जशपुर प्राकृतिक पर्यटन की दृष्टि से छत्तीसगढ़ के समृद्ध अंचलों में से एक है। यहां के पहाड़, वन, नदियां, जलप्रपात और सुरम्य घाटियां पर्यटकों को आकर्षित करने की बड़ी क्षमता रखते हैं।
उन्होंने कहा कि जनजातीय जीवन, लोक संस्कृति, पारंपरिक कला और स्थानीय खान-पान जशपुर को विशिष्ट पर्यटन गंतव्य के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। इन विशेषताओं का व्यवस्थित दस्तावेजीकरण जिले को व्यापक पहचान दिलाने में सहायक होगा।
उल्लेखनीय है कि भारतीय लोक प्रशासन संस्थान, नई दिल्ली ने अपनी क्षेत्रीय शाखाओं को संबंधित राज्यों के कम से कम एक जिले का व्यापक अध्ययन करने का प्रोजेक्ट दिया है। इसका उद्देश्य आजादी के बाद जिलों की प्रशासनिक व्यवस्था, शासन प्रणाली और कार्यप्रणाली में हुए बदलावों के साथ उनकी विकास यात्रा का अध्ययन एवं दस्तावेजीकरण करना है।
इसी क्रम में संस्थान की छत्तीसगढ़ क्षेत्रीय शाखा, रायपुर ने प्रदेश के 33 जिलों में से जशपुर का चयन किया।
पुस्तक में बताया गया है कि जशपुर वर्ष 1998 में पृथक जिला बनने से पहले रायगढ़ जिले की एक तहसील था। जशपुर का पृथक जिला गजेटियर उपलब्ध नहीं होने के कारण अध्ययन में रायगढ़ जिला गजेटियर के साथ केंद्र एवं राज्य सरकार के विभिन्न प्रकाशनों, जनगणना 2011, शासकीय विभागों की रिपोर्ट और जिले से संबंधित प्रकाशित सामग्री का उपयोग किया गया है।
अध्ययन की विशेषता यह है कि इसे किसी एक व्यक्ति ने तैयार नहीं किया है। जशपुर जिला प्रशासन के विभिन्न विभागों से प्राप्त जानकारियों और सामूहिक सहयोग के आधार पर पुस्तक को स्वरूप दिया गया है।
जिले के विभिन्न शासकीय कार्यालयों से उपलब्ध आंकड़ों और सूचनाओं को संकलित कर जशपुर के प्रशासन, विकास, समाज, अर्थव्यवस्था, संस्कृति और प्राकृतिक विशेषताओं की समग्र तस्वीर प्रस्तुत करने का प्रयास किया गया है।
भारतीय लोक प्रशासन संस्थान की छत्तीसगढ़ क्षेत्रीय शाखा ने उम्मीद जताई है कि ‘जशपुर : एक परिचय’ भविष्य में जिले के इतिहास, प्रशासन, समाज, अर्थव्यवस्था, संस्कृति और विकास की संभावनाओं पर विस्तृत शोध के लिए आधार बनेगी।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने पुस्तक के प्रकाशन से जुड़े सभी लोगों को बधाई देते हुए विश्वास व्यक्त किया कि यह अध्ययन जशपुर के अतीत और वर्तमान को समझने के साथ जिले के उज्ज्वल भविष्य की संभावनाओं को नई दिशा देने में उपयोगी सिद्ध होगा।