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CNI Church Dispute: FIR against 7 office-bearers over allegations of social boycott of a family; case registered following court order.
बिलासपुर। कोटा स्थित सीएनआई चर्च की नई कमेटी के सात पदाधिकारियों के खिलाफ एक परिवार का कथित सामाजिक बहिष्कार करने, मानसिक प्रताड़ना देने और सोशल मीडिया के जरिए उनसे संबंध न रखने की अपील करने के आरोप में एफआईआर दर्ज की गई है। न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी के आदेश के बाद कोटा पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और नागरिक अधिकार संरक्षण अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
शिकायतकर्ता हरीश लाल का आरोप है कि चर्च की नई कमेटी बनने के बाद से पिछले दो वर्षों से उनके परिवार को लगातार प्रताड़ित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि 17 जनवरी को चर्च परिसर में आयोजित एक बैठक में उन पर क्रिसमस और ईस्टर जैसे धार्मिक पर्वों का अपमान करने का झूठा आरोप लगाया गया।
शिकायत के मुताबिक, इसी बैठक के बाद पूरे परिवार को "नॉट इन गुड स्टैंडिंग" घोषित कर चर्च समुदाय से अलग कर दिया गया।
हरीश लाल का आरोप है कि कमेटी के पदाधिकारियों ने सोशल मीडिया के माध्यम से ऐसे संदेश प्रसारित किए, जिनमें लोगों से उनके परिवार से किसी भी प्रकार का सामाजिक संबंध नहीं रखने, बातचीत बंद करने और उनके सुख-दुख में शामिल नहीं होने की अपील की गई। इससे परिवार को मानसिक और सामाजिक रूप से गंभीर परेशानी का सामना करना पड़ा।
शिकायतकर्ता का कहना है कि पुलिस से उचित कार्रवाई नहीं मिलने पर उन्होंने न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी दीप्ति बरवा की अदालत का दरवाजा खटखटाया। मामले की सुनवाई के बाद अदालत ने इसे गंभीर मानते हुए कोटा पुलिस को एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए।
कोर्ट के आदेश के बाद पुलिस ने चर्च कमेटी के सात पदाधिकारियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि पूरे प्रकरण की सभी पहलुओं से जांच की जा रही है और जांच के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।