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Chhattisgarh: Uproar in the House over Raipur Smart City, BJP MLAs raise questions
रायपुर। रायपुर स्मार्ट सिटी परियोजना को लेकर छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र में मंगलवार को तीखी बहस देखने को मिली। खास बात यह रही कि इस बार विपक्ष के बजाय सत्ता पक्ष के ही भाजपा विधायक सरकार को घेरते नजर आए। राजधानी रायपुर में चल रही इस परियोजना के निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और बजट खर्च को लेकर कई गंभीर सवाल उठाए गए।
भाजपा विधायकों ने उठाए भ्रष्टाचार के आरोप
ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के दौरान भाजपा विधायक और पूर्व मंत्री अजय चंद्राकर ने नगरीय प्रशासन मंत्री अरुण साव से कई तीखे सवाल पूछे। उन्होंने ‘शहीद स्मारक चौपाटी’ और एसी बस स्टॉप के निर्माण में उपयोग किए गए फंड का विवरण मांगा।
वहीं विधायक सुनील सोनी ने आरोप लगाया कि रायपुर स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत करीब 30 करोड़ रुपये के कार्यों में भारी अनियमितताएं हुई हैं। उन्होंने 5.24 करोड़ रुपये की लागत से बने म्यूजिकल फाउंटेन का मुद्दा उठाते हुए कहा कि केंद्र सरकार की जांच रिपोर्ट सार्वजनिक की जानी चाहिए।
इसके अलावा विधायक धर्मलाल कौशिक ने भी परियोजना के कामकाज और खर्च पर सवाल खड़े किए।
मंत्री ने जांच का दिया आश्वासन
नगरीय प्रशासन मंत्री अरुण साव ने विधायकों की चिंताओं पर जवाब देते हुए कहा कि सरकार पारदर्शिता के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि Raipur Smart City Project में लगाए गए आरोपों और शिकायतों की विस्तृत जांच कराई जाएगी। यदि जांच में वित्तीय अनियमितता या भ्रष्टाचार की पुष्टि होती है तो संबंधित अधिकारियों और ठेकेदारों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
सिरपुर महोत्सव भुगतान पर भी उठे सवाल
सत्र के दौरान द्वारिकाधीश यादव ने सिरपुर महोत्सव में कलाकारों को किए गए भुगतान को लेकर भी सवाल उठाए। इस पर संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि सभी जानकारी ‘चिन्हारी पोर्टल’ पर उपलब्ध है, हालांकि विधायक की संतुष्टि के लिए मामले की जांच कराने की घोषणा भी की गई।