

Copyright © 2026 rights reserved by Inkquest Media
अन्य समाचार

Chhattisgarh: Uproar in the Assembly over the notice of 21,530 crores, the government said – paramilitary forces will be removed by 2027.
रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र में गृह विभाग की अनुदान मांगों पर चर्चा के दौरान Chhattisgarh Paramilitary Force Cost का मुद्दा गरमा गया। नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने कहा कि केंद्र सरकार ने राज्य को केंद्रीय अर्धसैनिक बलों की तैनाती के खर्च के रूप में 21,530 करोड़ रुपये जमा करने का नोटिस भेजा है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब वर्ष 2026-27 के लिए गृह विभाग की अनुदान मांग 8,382 करोड़ 30 लाख रुपये है, तो उससे लगभग तीन गुना ज्यादा राशि का भुगतान राज्य किस मद से करेगा।
केंद्र-राज्य संबंधों को लेकर भी उठे सवाल
चर्चा के दौरान डॉ. महंत ने कहा कि पहले केंद्र सरकार इस खर्च में बड़ी राहत देती थी। उन्होंने दावा किया कि पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के समय राज्य को लगभग 90 प्रतिशत तक छूट मिलती थी और केवल 10 प्रतिशत राशि ही राज्य को देनी पड़ती थी। उन्होंने यह भी बताया कि केंद्र सरकार ने इस बकाया राशि को चार किस्तों में चुकाने का विकल्प दिया है।
सरकार ने दी सफाई, 2027 तक वापसी की योजना
इस पर उपमुख्यमंत्री और गृहमंत्री विजय शर्मा ने जवाब देते हुए कहा कि Chhattisgarh Paramilitary Force Cost से जुड़ा यह मामला पुरानी सरकारों के समय से चला आ रहा है और अब इसका अंतिम निपटारा किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार ने देश से सशस्त्र नक्सलवाद खत्म करने का लक्ष्य तय किया है।
गृहमंत्री ने कहा कि 31 मार्च 2026 तक माओवादी हिंसा को समाप्त करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके बाद 31 मार्च 2027 तक बस्तर क्षेत्र से केंद्रीय अर्द्धसैनिक बलों की वापसी की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
विकास और सुरक्षा पर सरकार का जोर
सरकार का कहना है कि नक्सलवाद पर नियंत्रण के बाद क्षेत्र में शांति और विकास को प्राथमिकता दी जाएगी। वहीं विपक्ष का मानना है कि Chhattisgarh Paramilitary Force Cost जैसे बड़े वित्तीय बोझ पर सरकार को स्पष्ट रणनीति बतानी चाहिए। इस मुद्दे पर सदन में सरकार और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिली।