

Copyright © 2026 rights reserved by Inkquest Media
अन्य समाचार

Chhattisgarh Weather: Weather patterns in Chhattisgarh set to change again; rain likely over the next four days.
रायपुर। छत्तीसगढ़ में मानसून एक बार फिर सक्रिय होने के संकेत मिल रहे हैं। मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में आने वाले चार दिनों के दौरान बारिश की गतिविधियों में बढ़ोतरी हो सकती है। खासकर उत्तरी छत्तीसगढ़ के एक-दो स्थानों पर मध्यम से भारी बारिश होने की संभावना है। मंगलवार को भी प्रदेश के कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। बिलासपुर जिले के बोदरी में सबसे ज्यादा 7 सेंटीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई। वहीं प्रदेश में मौसमी बारिश सामान्य से करीब 7 प्रतिशत कम रही है।
मौसम विभाग ने बताया कि मानसूनी गतिविधियों के चलते अगले चार दिनों तक उत्तरी इलाकों में कुछ स्थानों पर मध्यम से भारी बारिश हो सकती है। इसके अलावा प्रदेश के कई अन्य हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना बनी हुई है। मौसम में बदलाव के पीछे बंगाल की खाड़ी में बनने वाला नया मौसम सिस्टम अहम माना जा रहा है।
मंगलवार को प्रदेश के अनेक स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हुई। इस दौरान जगदलपुर और दुर्ग में अधिकतम तापमान 32.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं पेंड्रा में न्यूनतम तापमान 22.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। बारिश के बावजूद कई इलाकों में दिन के तापमान में ज्यादा गिरावट नहीं आई।
राजधानी रायपुर और आसपास के क्षेत्रों में बुधवार को आसमान में बादल छाए रहने की संभावना है। मौसम विभाग के मुताबिक गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। रायपुर में अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान करीब 25 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।
मंगलवार को हुई बारिश के आंकड़ों के अनुसार बोदरी में 7 सेमी बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा बिलासपुर, सकरी और पथरिया में 5-5 सेमी बारिश हुई। 4 सेमी बारिश: कुमरदा, दुलदुला, मरीं बंगला देवरी, गोबरा नवापारा और तखतपुर। 3 सेमी बारिश: बैकुंठपुर, डोंडीलोहारा, बिल्हा, लालपुर थाना, कोटा और मुंगेली। 2 सेमी बारिश: छिंदगढ़, भाटापारा, अर्जुन्दा, मस्तूरी, राजिम, छुरा, भाखरा, छुरिया, दाढ़ी, पचपेड़ी और अंबागढ़ चौकी। 1 सेमी बारिश: नांदघाट, कुरूद, गुरूर, चिरमिरी, पाटन, रामचंद्रपुर, गुंडरदेही, धमतरी, बलरामपुर, डोंगरगांव, नवागढ़, बरमकेला और अभनपुर।
मौसम विभाग के अनुसार मानसून द्रोणिका बीकानेर, उत्तर-पश्चिम मध्य प्रदेश और आसपास के क्षेत्रों में बने निम्न दबाव वाले क्षेत्र के केंद्र, सीधी, रांची और दीघा होते हुए दक्षिण-पूर्व दिशा में पूर्वी-मध्य बंगाल की खाड़ी तक फैली हुई है।
वहीं उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। इसके प्रभाव से इसी क्षेत्र में आज निम्न दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है। मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक बंगाल की खाड़ी में बनने वाला यह नया सिस्टम आने वाले दिनों में छत्तीसगढ़ में बारिश की गतिविधियों को और बढ़ा सकता है।
प्रदेश में अब तक मौसमी बारिश सामान्य से करीब 7 प्रतिशत कम दर्ज की गई है। ऐसे में आने वाले दिनों में बनने वाला नया सिस्टम बारिश की कमी को कुछ हद तक पूरा करने में मदद कर सकता है। हालांकि बारिश का वितरण सभी जिलों में एक जैसा रहने की संभावना नहीं है।