

Copyright © 2026 rights reserved by Inkquest Media
अन्य समाचार

Chhattisgarh's craft heritage to be showcased at the President's 'At Home' reception... 50 artisans from Bastar create history.
रायपुर। स्वतंत्रता दिवस पर राष्ट्रपति भवन में आयोजित होने वाले प्रतिष्ठित 'एट होम' समारोह के लिए इस वर्ष तैयार की गई हस्तनिर्मित निमंत्रण किट में छत्तीसगढ़ की पारंपरिक कला को विशेष स्थान मिला है। इस अनूठी किट को तैयार करने में देशभर के 130 शिल्पकारों ने योगदान दिया, जिनमें बस्तर क्षेत्र के लगभग 50 कारीगर भी शामिल हैं। यह वही इलाका है जो कभी नक्सल हिंसा से प्रभावित रहा, लेकिन अब यहां के कलाकार अपनी कला के जरिए राष्ट्रीय पहचान बना रहे हैं।
राष्ट्रीय डिजाइन संस्थान (NID) के निदेशक अशोक मंडल ने बताया कि इस विशेष निमंत्रण किट को तैयार करने में तीन महीने से अधिक समय लगा। इस दौरान शिल्पकारों ने एनआईडी के डिजाइनरों, शिक्षकों और विद्यार्थियों के साथ मिलकर पारंपरिक तकनीकों का उपयोग किया। पूरी किट पर्यावरण-अनुकूल सामग्री से तैयार की गई है, जो भारतीय हस्तशिल्प, सतत विकास और सांस्कृतिक संरक्षण का संदेश देती है।
निमंत्रण किट में छत्तीसगढ़ की प्राचीन धातु शिल्प परंपरा 'ढोकरा कला' को प्रमुखता से शामिल किया गया है। इसके साथ ही लोहे पर आधारित प्रसिद्ध 'पिटवा शिल्प' का उपयोग डिस्प्ले फ्रेम और सजावटी घंटी तैयार करने में किया गया है। किट में पवित्र उपवनों के संरक्षण जैसी पारंपरिक सांस्कृतिक मान्यताओं की भी झलक देखने को मिलती है।
इस विशेष किट में केवल छत्तीसगढ़ ही नहीं, बल्कि गोवा, महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश की लोक कलाओं और प्राकृतिक विरासत को भी स्थान दिया गया है। पहाड़ों, नदियों, हरियाली और पारंपरिक जीवन शैली से प्रेरित डिजाइन भारत की विविध सांस्कृतिक पहचान को एक साथ प्रस्तुत करते हैं।
अशोक मंडल के अनुसार यह निमंत्रण किट उन पारंपरिक शिल्पकारों और कारीगरों को समर्पित है, जिन्होंने पीढ़ियों से अपनी कला और सांस्कृतिक विरासत को जीवित रखा है। यह पहल न केवल भारतीय हस्तशिल्प को सम्मान देती है, बल्कि समावेशी विकास और स्थानीय समुदायों के सशक्तिकरण का भी प्रतीक है।