

Copyright © 2026 rights reserved by Inkquest Media
अन्य समाचार

Congress and BJP at odds over debt in Chhattisgarh; while claims of a ₹1.90 lakh crore debt have been made, the BJP states the net debt is ₹49,279 crore.
रायपुर। छत्तीसगढ़ की वित्तीय स्थिति और राज्य पर बढ़ते कर्ज को लेकर कांग्रेस और भाजपा के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। प्रदेश कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि भाजपा सरकार ने पौने तीन साल में करीब 1.90 लाख करोड़ रुपये का कर्ज लेकर राज्य की अर्थव्यवस्था पर बोझ बढ़ा दिया है। वहीं, भाजपा ने कांग्रेस के आंकड़ों को भ्रामक बताते हुए कहा है कि बीते तीन साल में सरकार ने केवल 49,279 करोड़ रुपये का शुद्ध ऋण लिया है और राज्य की वित्तीय स्थिति संतुलित है।
प्रदेश कांग्रेस की मुख्य प्रवक्ता वंदना राजपूत ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार के आर्थिक कुप्रबंधन और गैर-उत्पादक खर्चों के कारण प्रदेश पर कर्ज का बोझ बढ़ा है। उन्होंने कहा कि ढाई साल में सरकार ने न कोई बड़ी नई निर्माण परियोजना शुरू की, न नई सिंचाई, शैक्षणिक या औद्योगिक परियोजना बनाई और न ही प्रदेश में नई सड़कों का निर्माण हुआ। इसके बावजूद राज्य पर करीब 1.90 लाख करोड़ रुपये का कर्ज लाद दिया गया।
वंदना राजपूत के मुताबिक, सरकार ने 2024 की शुरुआत में 25 हजार करोड़ रुपये, वित्तीय वर्ष 2024-25 में 33,463 करोड़ रुपये, 2025-26 में 36,737 करोड़ रुपये और 2026-27 में अब तक 40 हजार करोड़ रुपये का कर्ज लिया है। उन्होंने कहा कि धान खरीदी और अन्य योजनाओं के लिए लिए गए ऋण इससे अलग हैं। कांग्रेस प्रवक्ता ने दावा किया कि सरकार हर साल करीब 9 हजार करोड़ रुपये ब्याज चुकाने में खर्च कर रही है।
वंदना राजपूत ने कहा कि पेट्रोलियम पदार्थों पर वैट वसूली, बिजली की दरों में 33 प्रतिशत वृद्धि, बिजली छूट बंद करने, जमीनों की रजिस्ट्री में 30 प्रतिशत छूट समाप्त करने और गाइडलाइन दरों में बढ़ोतरी के बाद भी कर्ज का बढ़ना सरकार के आर्थिक कुप्रबंधन को दर्शाता है। उन्होंने शराब की बिक्री बढ़ाने और पूर्ववर्ती सरकार की 20 जनकल्याणकारी योजनाएं बंद करने का आरोप भी लगाया।
कांग्रेस प्रवक्ता ने नीति आयोग की वित्तीय स्वास्थ्य सूचकांक रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ 18 राज्यों में 17वें स्थान पर है। उनके अनुसार, राज्य का राजकोषीय घाटा 2.99 प्रतिशत के निर्धारित लक्ष्य से बढ़कर 5.32 प्रतिशत हो गया है। उन्होंने इसे प्रदेश के विकास के लिए चिंताजनक बताया।
कांग्रेस के आरोपों पर भाजपा प्रदेश प्रवक्ता सीए अमित चिमनानी ने पलटवार करते हुए कहा कि कांग्रेस को किसानों के खातों में 1.5 लाख करोड़ रुपये और महिलाओं को महतारी वंदन योजना के तहत हर महीने मिलने वाली राशि रास नहीं आ रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने तीन साल से भी कम समय में किसानों के खातों में 1.5 लाख करोड़ रुपये डाले हैं। वहीं, महतारी वंदन योजना के तहत अब तक 20 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि महिलाओं के खातों में पहुंचाई जा चुकी है।
चिमनानी ने कहा कि प्रदेश में 20 लाख से अधिक लोगों को प्रधानमंत्री आवास मिल रहे हैं। आधारभूत संरचना के लिए अब तक का सबसे बड़ा बजट रखा गया है और केवल सड़कों के लिए एक वर्ष में 9 हजार करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि अपने कार्यकाल में कर्ज लेकर भ्रष्टाचार करने वाली कांग्रेस अब किसानों और महिलाओं को मिल रही सहायता के खिलाफ झूठे आंकड़े पेश कर रही है।
अमित चिमनानी ने दावा किया कि सरकार ने बीते तीन साल में केवल 49,279 करोड़ रुपये का शुद्ध ऋण लिया है। उनके मुताबिक, यह ऋण एफआरबीएम अधिनियम के तहत जीएसडीपी की 3 प्रतिशत निर्धारित सीमा के भीतर है। उन्होंने कहा कि राज्य की वित्तीय स्थिति संतुलित है और बकाया ऋण एफआरबीएम अधिनियम तथा केंद्रीय वित्त आयोग द्वारा निर्धारित ऋण सीमा के दायरे में है।
भाजपा प्रवक्ता ने यह भी बताया कि ब्याज भुगतान राज्य की राजस्व प्राप्तियों का 7.96 प्रतिशत है, जबकि निर्धारित सीमा 10 प्रतिशत है। उन्होंने कांग्रेस के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि राज्य सरकार वित्तीय अनुशासन के साथ विकास और जनकल्याणकारी योजनाओं को आगे बढ़ा रही है।