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Congress gears up across 4 municipal corporations, including Bhilai; faces challenge to retain mayoral seats.
प्रदेश में चार नगर निगमों भिलाई, रिसली, भिलाई-चरोदा और बीरगांव में दिसंबर में प्रस्तावित निकाय चुनाव को लेकर कांग्रेस ने तैयारियां तेज कर दी हैं। चुनाव की तारीखों का एलान भले ही नहीं हुआ है, लेकिन पार्टी ने प्रत्याशी चयन से लेकर चुनावी मुद्दे तय करने तक की रणनीति पर काम शुरू कर दिया है। चारों निगमों में वार्ड कमेटियों के सुझाव के आधार पर उम्मीदवारों के नाम तय किए जाएंगे। निकाय चुनाव के लिए नियुक्त एक सह पर्यवेक्षक ने बताया, कि चारों नगर निगमों में वार्ड कमेटियों का गठन किया जा रहा है। ये कमेटियां वार्ड की राजनीतिक परिस्थितियों, स्थानीय समीकरणों और कार्यकर्ताओं की राय के आधार पर प्रत्याशियों के नाम सुझाएंगी। यदि किसी वार्ड में दो या इससे अधिक दावेदारों के नाम सामने आते हैं और कमेटी किसी एक नाम पर सहमति नहीं बना पाती है, तो पर्यवेक्षक निर्णय लेने में भूमिका निभाएंगे। हालांकि, प्रत्याशियों के नामों पर अंतिम मुहर प्रदेश कांग्रेस कमेटी लगाएगी।
बताया जा रहा है, कि कांग्रेस चारों नगर निगमों के लिए अलग-अलग घोषणा पत्र तैयार करने की रणनीति बना रही है। पार्टी प्रदेश और राष्ट्रीय मुद्दों के साथ-साथ स्थानीय समस्याओं को भी इस चुनाव में उठाएगी, जिनमें एसआइआर, बिजली, पेयजल, सफाई, सड़क, नाली, जलभराव और नागरिक सुविधाओं से जुड़े मुद्दों के जरिए मतदाताओं तक पहुंचने की तैयारी है। इसके लिए वार्ड स्तर पर राजनीतिक परिस्थितियों और स्थानीय समस्याओं का आकलन किया जा रहा है।
आपको बता दें, कि चारों नगर निगमों में फिलहाल कांग्रेस के महापौर हैं। ऐसे में पार्टी के सामने अपने मौजूदा जनाधार को बनाए रखने की बड़ी चुनौती है। आरक्षण की स्थिति स्पष्ट होने के बाद अब पार्षद और महापौर पद के दावेदार भी सक्रिय हो गए हैं। आने वाले दिनों में प्रत्याशी चयन और स्थानीय मुद्दों को लेकर पार्टी की तैयारियां और तेज होने की संभावना है।