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Congress intensifies its 'Mission 2028' in Chhattisgarh; Sukhdev Bhagat emphasizes activating the organization from the booth level to the streets.
रायपुर। छत्तीसगढ़ कांग्रेस ने आगामी विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए संगठन को नए सिरे से सक्रिय करने की कवायद तेज कर दी है। प्रदेश प्रभारी सुखदेव भगत के पहले दौरे के दौरान राजीव भवन में प्रदेश कार्यकारिणी समेत संगठन की अलग-अलग इकाइयों की बैठक हुई। चर्चा का केंद्र संगठन की मजबूती, स्थानीय मुद्दों पर सक्रियता और आने वाले राजनीतिक कार्यक्रम रहे।भगत ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज, नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत और अन्य वरिष्ठ नेताओं के साथ संगठन के कामकाज की जानकारी ली। बैठक में अलग-अलग स्तर पर चल रही गतिविधियों की समीक्षा के साथ आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा पर भी चर्चा हुई।
बैठक में स्मार्ट मीटर और बिजली बिल का मुद्दा प्रमुखता से सामने आया। कांग्रेस ने इन विषयों को लेकर जिला और ब्लॉक स्तर पर कार्यक्रम आयोजित करने की रणनीति पर चर्चा की है। पार्टी का कहना है कि इन मुद्दों को लेकर आम लोगों के बीच जाकर उनकी समस्याएं उठाई जाएंगी।कांग्रेस के आगामी कार्यक्रमों में जल, जंगल और जमीन से जुड़े विषयों को भी शामिल किया गया है। इसके अलावा चुनाव प्रक्रिया से संबंधित SIR के मुद्दे पर भी पार्टी ने विरोध कार्यक्रम किए हैं।
सुखदेव भगत के दौरे में केवल राजनीतिक मुद्दों पर चर्चा नहीं हुई, बल्कि संगठन के अंदरूनी कामकाज की समीक्षा भी की गई। प्रदेश कार्यकारिणी, मोर्चा-प्रकोष्ठों और अन्य सांगठनिक इकाइयों के बीच बेहतर तालमेल पर जोर दिया गया।भगत ने पदाधिकारियों से उनके कामकाज का फीडबैक लिया। संगठन में अनुशासन और जिम्मेदारियों के निर्वहन को लेकर भी चर्चा हुई। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, पार्टी स्तर पर पदाधिकारियों के कामकाज की समीक्षा और जरूरत पड़ने पर जिम्मेदारियों में बदलाव की संभावना पर भी बात हुई है, हालांकि किसी पदाधिकारी को हटाने का कोई अंतिम निर्णय सामने नहीं आया है।
दौरे के दौरान प्रदेश कांग्रेस के संचार विभाग के पदाधिकारियों ने भी सुखदेव भगत से मुलाकात की। विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला के साथ मुख्य प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा, धनंजय सिंह ठाकुर, घनश्याम राजू तिवारी और वंदना राजपूत समेत अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।बैठक में प्रदेश सरकार से जुड़े मुद्दों पर पार्टी की ओर से रखे जा रहे पक्ष और संचार गतिविधियों की जानकारी दी गई। मुलाकात संक्षिप्त रही। बताया गया कि अगले दौरे में संचार विभाग के साथ अलग से विस्तृत बैठक की जा सकती है।
कांग्रेस की बैठकों में संगठन को जमीनी स्तर पर सक्रिय करने की जरूरत पर जोर दिया गया है। प्रदेश प्रभारी के दौरे का एक प्रमुख हिस्सा प्रदेश पदाधिकारियों, फ्रंटल संगठनों और अनुशासन समिति से संवाद रहा। पार्टी की ओर से आने वाले महीनों में संगठनात्मक गतिविधियों और जनसंपर्क कार्यक्रमों को बढ़ाने की तैयारी की जा रही है।कांग्रेस की ओर से 2028 के विधानसभा चुनाव और आगे 2029 के लोकसभा चुनाव के लिए संगठन को तैयार करने की बात कही गई है। हालांकि चुनावी परिणाम को लेकर किसी तरह का अनुमान लगाना अभी जल्दबाजी होगा। फिलहाल पार्टी का फोकस संगठनात्मक ढांचे को सक्रिय करने और स्थानीय मुद्दों पर अपनी राजनीतिक गतिविधियां बढ़ाने पर है।
सुखदेव भगत का छत्तीसगढ़ दौरा संगठनात्मक बैठकों के लिहाज से व्यापक रहा। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारियों, कनेक्ट सेंटर, फ्रंटल संगठनों और अनुशासन समिति के साथ अलग-अलग बैठकें प्रस्तावित थीं। इसके अलावा विरोध मार्च में भी उनकी भागीदारी का कार्यक्रम रखा गया था।इस पूरी कवायद से साफ है कि प्रदेश कांग्रेस आने वाले समय में संगठनात्मक समीक्षा के साथ जनमुद्दों पर अपनी सक्रियता बढ़ाने की तैयारी में है। अब इन बैठकों में तय कार्यक्रम किस तरह जिला, ब्लॉक और बूथ स्तर तक पहुंचते हैं, इस पर संगठन की अगली गतिविधियों की दिशा निर्भर करेगी।