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Congress launches major campaign on tribal rights; movement begins in Bastar.
रायपुर। आदिवासी समाज से जुड़े अधिकारों और जल, जंगल, जमीन के मुद्दों को लेकर छत्तीसगढ़ कांग्रेस ने व्यापक राजनीतिक अभियान की तैयारी शुरू कर दी है। राजधानी में हुई आदिवासी कांग्रेस की बैठक में प्रदेश के आदिवासी क्षेत्रों में संगठन को मजबूत करने और जमीनी स्तर पर आंदोलन खड़ा करने की रणनीति पर चर्चा की गई।बैठक में आदिवासी कांग्रेस के पदाधिकारियों, जिला अध्यक्षों और सलाहकार परिषद के सदस्यों ने हिस्सा लिया। इसमें वन अधिकार कानून, पेसा कानून, आदिवासी क्षेत्रों में रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य तथा जल, जंगल और जमीन से संबंधित विषयों को प्रमुखता से उठाने का निर्णय लिया गया।
बस्तर से आंदोलन का आगाज
आदिवासी कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष विकास भूरिया ने कहा कि संगठन की प्रस्तावित गतिविधियों की शुरुआत बस्तर से की जाएगी। इसके बाद अभियान को प्रदेश के अन्य आदिवासी बहुल इलाकों तक ले जाने की योजना है।उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज के हितों से जुड़े विषयों को लेकर कांग्रेस लगातार आवाज उठाती रही है। आने वाले समय में इन मुद्दों को लेकर संगठनात्मक स्तर पर आंदोलन को और व्यापक रूप देने की तैयारी की जा रही है।
जल, जंगल और जमीन बनेगा मुख्य मुद्दा
बैठक में आदिवासी क्षेत्रों में भूमि अधिकार और प्राकृतिक संसाधनों से जुड़े विषयों पर विशेष चर्चा हुई। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि आदिवासी हितों से संबंधित कई मामलों में सरकार की नीतियां अपेक्षित परिणाम नहीं दे रही हैं।पार्टी की रणनीति के अनुसार गांवों तक पहुंच बनाकर स्थानीय समस्याओं की जानकारी जुटाई जाएगी। इसके लिए संगठन स्तर पर संवाद अभियान चलाने और जमीनी कार्यकर्ताओं को अधिक सक्रिय करने पर जोर दिया गया है।
भाजपा सरकार पर कांग्रेस ने लगाए आरोप
बैठक में कांग्रेस नेताओं ने भाजपा सरकार पर आदिवासी समाज के हितों की अनदेखी करने का आरोप लगाया। विकास भूरिया ने कहा कि केवल योजनाओं की घोषणा से आदिवासी क्षेत्रों की वास्तविक समस्याओं का समाधान नहीं होगा। उनका कहना है कि स्थानीय समुदायों की भागीदारी और उनके अधिकारों की रक्षा के साथ विकास की दिशा तय होनी चाहिए कांग्रेस ने आदिवासी समाज के बीच अपनी पहुंच मजबूत करने के लिए जिला और ब्लॉक स्तर पर संगठनात्मक गतिविधियां बढ़ाने की बात कही है। पार्टी नेताओं के मुताबिक आने वाले दिनों में अलग-अलग क्षेत्रों में बैठकें और जनसंपर्क कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने भी साधा निशाना
बैठक में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने भी भाजपा सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए। उन्होंने आदिवासी दिवस और आदिवासी अधिकारों से जुड़े विषयों को लेकर सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए बैठक में संगठन को मजबूत करने के लिए 10 सदस्यीय टीम गठित करने का निर्णय भी लिया गया। यह टीम विभिन्न क्षेत्रों में जाकर कार्यकर्ताओं और आदिवासी समाज के साथ संवाद करेगी तथा स्थानीय समस्याओं की जानकारी जुटाएगी।
कांग्रेस की आगे की रणनीति
कांग्रेस की योजना आदिवासी बहुल क्षेत्रों में लगातार जनसंपर्क अभियान चलाने की है। पार्टी के वरिष्ठ नेता भी इस अभियान से जुड़ेंगे। संगठन का दावा है कि आंदोलन के जरिए आदिवासी समुदाय से जुड़े अधिकारों, वन संसाधनों और जमीन से संबंधित विषयों को प्रमुखता से उठाया जाएगा।
इस बैठक में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, पूर्व मंत्री ताम्रध्वज साहू, डॉ. शिवकुमार डहरिया, अभय नारायण भगत सहित कई वरिष्ठ कांग्रेस नेता और पदाधिकारी मौजूद रहे।