

Copyright © 2026 rights reserved by Inkquest Media
अन्य समाचार

Congress rally causes an 11,000-crore loss to Delhi’s businesses; trade organizations raise questions
नई दिल्ली। दिल्ली के रामलीला मैदान में कांग्रेस की ओर से आयोजित रैली को लेकर अब व्यापारिक संगठनों ने बड़ा दावा किया है। कारोबारी संगठन चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (सीटीआई) के मुताबिक, रैली के चलते राजधानी के व्यापारियों को एक ही दिन में करीब 11 हजार करोड़ रुपये का नुकसान उठाना पड़ा। संगठन ने कांग्रेस और आइएनडीआइए गठबंधन के सहयोगी दलों से सवाल किया है कि व्यापारियों को हुए इस नुकसान की भरपाई कौन करेगा?
सीटीआई के चेयरमैन बृजेश गोयल के अनुसार, रैली के कारण कनॉट प्लेस, पालिका बाजार, जनपथ और रामलीला मैदान के आसपास स्थित करीब 20 प्रमुख बाजारों में 80 प्रतिशत तक दुकानें बंद रहीं। उन्होंने बताया कि दीपावली के आसपास इन बाजारों में सामान्य तौर पर 13 से 14 हजार करोड़ रुपये का कारोबार होता है, लेकिन रैली के दिन यह आंकड़ा घटकर महज दो से तीन हजार करोड़ रुपये रह गया।
व्यापारियों के मुताबिक, दिल्ली के थोक बाजारों में दूसरे राज्यों से प्रतिदिन लगभग पांच लाख खरीदार पहुंचते हैं। लेकिन रैली के दौरान यातायात प्रतिबंध, सड़कों पर जाम और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर बनी आशंकाओं के चलते रविवार को इनकी संख्या घटकर करीब एक लाख रह गई। इसका सीधा असर थोक और खुदरा कारोबार पर पड़ा।
कारोबारी संगठनों ने दीपावली के नजदीक रैली आयोजित करने पर पहले ही चिंता जाहिर की थी। उन्होंने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को पत्र लिखकर आयोजन दीपावली के बाद कराने का अनुरोध किया था। इसके अलावा कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव और तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी को भी पत्र भेजे गए थे। व्यापारियों का कहना है कि त्योहारी सीजन में इस तरह के आयोजनों से बाजारों की गतिविधियां प्रभावित होती हैं।
कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के मुताबिक, दिल्ली में प्रतिदिन औसतन 2,200 करोड़ रुपये का कारोबार होता है। संगठन का दावा है कि पिछले एक महीने के दौरान करीब 14 दिन व्यापारिक गतिविधियां सामान्य रूप से संचालित नहीं हो सकीं।धरना-प्रदर्शनों, यातायात बाधाओं और लगातार बने अशांत माहौल के कारण दूसरे राज्यों से आने वाले व्यापारियों की संख्या में भी गिरावट आई। इसका प्रभाव थोक एवं खुदरा बाजारों के साथ छोटे दुकानदारों, रेहड़ी-पटरी कारोबारियों, परिवहन सेवाओं और होटल व्यवसाय पर भी पड़ा। कैट के राष्ट्रीय अध्यक्ष बीसी भरतिया ने कहा कि मौजूदा परिस्थितियों को लेकर व्यापारी वर्ग चिंतित और नाराज है।
व्यापारिक गतिविधियों को बार-बार प्रभावित होने से बचाने के लिए कैट ने दिल्ली के उपराज्यपाल तेजिंदर सिंह संधू को पत्र लिखा है। संगठन ने रामलीला मैदान को अधिसूचित प्रदर्शन स्थलों की सूची से बाहर रखने और राजधानी के बाहरी क्षेत्रों में धरना-प्रदर्शन के लिए अलग स्थान निर्धारित करने की मांग की है।कैट का तर्क है कि विरोध-प्रदर्शन लोकतांत्रिक अधिकारों का हिस्सा हैं, लेकिन इनके लिए ऐसे स्थान तय होने चाहिए, जहां बाजारों और आम नागरिकों की आवाजाही पर प्रतिकूल प्रभाव न पड़े। संगठन चाहता है कि प्रदर्शन के लिए निर्धारित स्थलों को जल्द अधिसूचित किया जाए, ताकि लोकतांत्रिक गतिविधियों के साथ दिल्ली का व्यापार और सामान्य जनजीवन भी प्रभावित न हो।