

Copyright © 2026 rights reserved by Inkquest Media
अन्य समाचार

Deliberations on coordination between the organization and the government during BJP's marathon meetings... Ministers receive a clear message.
रायपुर। भाजपा प्रदेश मुख्यालय कुशाभाऊ ठाकरे परिसर में लगातार दो दिनों तक चली संगठनात्मक बैठकों में सत्ता और संगठन के बीच तालमेल को लेकर गंभीर मंथन हुआ। अलग अलग जिलों से पहुंचे पदाधिकारियों और जिला अध्यक्षों ने अपने क्षेत्रों की स्थिति का फीडबैक वरिष्ठ नेताओं के सामने रखा। बैठकों में संबंधित जिलों के प्रभारी मंत्री, सांसद और विधायक भी मौजूद रहे समीक्षा के दौरान कई जिलों के पदाधिकारियों ने मंत्रियों और जनप्रतिनिधियों की कार्यप्रणाली को लेकर नाराजगी जाहिर की। कार्यकर्ताओं की समस्याओं का समाधान नहीं होने, अधिकारियों द्वारा संगठन की बात को पर्याप्त महत्व नहीं देने और प्रभारी मंत्रियों के जिलों में कम दौरे जैसे मुद्दे प्रमुखता से उठे।
शिकायतों के बाद संगठन के वरिष्ठ नेताओं ने प्रभारी मंत्रियों और जनप्रतिनिधियों को स्पष्ट संदेश दिया कि संगठन के पदाधिकारियों तथा कार्यकर्ताओं के साथ नियमित संवाद बनाए रखें। उन्हें अपने प्रभार वाले जिलों में सक्रियता बढ़ाने और स्थानीय समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर सुलझाने के निर्देश दिए गए।बैठक में कहा गया कि सरकार की योजनाओं और जनहित से जुड़े कार्यों का लाभ लोगों तक पहुंचाने में संगठन की भूमिका महत्वपूर्ण है। इसके लिए सत्ता और संगठन के बीच बेहतर तालमेल जरूरी है।
बुधवार को 17 जिलों के संगठनात्मक कार्यों की समीक्षा की गई। बैठक में क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जम्वाल और प्रदेश संगठन महामंत्री पवन साय ने प्रत्येक जिले की गतिविधियों का बारीकी से जायजा लिया।जिला अध्यक्षों, संभाग प्रभारी एवं सहप्रभारी, जिला प्रभारियों, विधायकों और प्रभारी मंत्रियों से अलग अलग मुद्दों पर फीडबैक लिया गया। संगठन की मौजूदा स्थिति, स्थानीय चुनौतियों, कार्यकर्ताओं की समस्याओं और जनप्रतिनिधियों के प्रदर्शन से संबंधित जानकारी भी जुटाई गई।
बैठक में बिजली बिल को लेकर जनता के बीच बन रही नाराजगी का मुद्दा भी सामने आया। कई पदाधिकारियों ने कहा कि स्थानीय स्तर पर लोगों की समस्याओं को लेकर कार्यकर्ता अधिकारियों तक बात पहुंचाते हैं, लेकिन अपेक्षित कार्रवाई नहीं होती कुछ विधायकों ने भी शिकायत की कि मंत्रियों को कई बार पत्र भेजने के बावजूद मामलों में तेजी नहीं आती। कार्यकर्ताओं ने प्रभारी मंत्रियों के जिलों में पर्याप्त समय नहीं देने की बात भी संगठन के सामने रखी।
सूत्रों के अनुसार, बैठक में मिली जानकारी को संगठन गंभीरता से संकलित कर रहा है। माना जा रहा है कि मंत्रियों की सक्रियता, जिलों में दौरे, कार्यकर्ताओं के साथ समन्वय और जनसमस्याओं के समाधान जैसे बिंदुओं के आधार पर रिपोर्ट तैयार की जा रही है।करीब दो महीने पहले मुख्यमंत्री निवास में भी सत्ता और संगठन के तालमेल को लेकर बैठक हो चुकी है। अब प्रदेश भाजपा संगठन की ओर से जिलों से मिले फीडबैक के आधार पर मंत्रियों की कार्यप्रणाली का आकलन किया जा रहा है।
बैठकों में केवल शिकायतों तक चर्चा सीमित नहीं रही। आगामी संगठनात्मक कार्यक्रमों, बूथ स्तर पर सक्रियता बढ़ाने और पार्टी की जमीनी पकड़ मजबूत करने की रणनीति पर भी विचार किया गया। वरिष्ठ नेताओं ने जिला इकाइयों को कार्यकर्ताओं के साथ लगातार संवाद रखने और स्थानीय स्तर पर संगठन को अधिक प्रभावी बनाने पर जोर दिया।दो दिन की इस समीक्षा बैठक से साफ है कि भाजपा संगठन सरकार के कामकाज और जनप्रतिनिधियों की सक्रियता पर अब अधिक करीबी नजर रख रहा है। आने वाले दिनों में बैठक में मिले फीडबैक के आधार पर संगठन स्तर पर कुछ अहम फैसले भी लिए जा सकते हैं।