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Demand to halt interviews amid complaints of irregularities in CGPSC
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग यानि सीजीपीएससी की परीक्षाओं में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए राज्य सरकार से इसका साक्षात्कार स्थगित करने, सभी अभ्यर्थियों की उत्तर पुस्तिकाएं सार्वजनिक करने और उनका पुनर्मूल्यांकन कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि 2025 की परीक्षा में 265 पदों के लिए 1:3 के अनुपात में कुल 795 अभ्यर्थियों को साक्षात्कार के लिए बुलाया जाना चाहिए था, लेकिन केवल 608 अभ्यर्थियों का चयन इंटरव्यू के लिए किया गया। उन्होंने कहा कि 2024 की परीक्षा में सही और गलत उत्तरों के लिए समान अंक दिए गए, जबकि कहीं गलत उत्तर लिखने वाले को अधिक और सही उत्तर लिखने वाले को कम अंक मिले। उन्होंने राज्य सरकार से इस परीक्षा का साक्षात्कार स्थगित करने, अभ्यर्थियों की उत्तर पुस्तिकाएं सार्वजनिक करने और उनका पुनर्मूल्यांकन करने के साथ-साथ इंटरव्यू के लिए 1:3 अनुपात लागू करने की मांग की।
भूपेश बघेल ने मंगलवार को कांग्रेस के प्रदेश कार्यालय राजीव भवन में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा, कि विधानसभा चुनाव 2023 से पहले भाजपा ने युवाओं से यूपीएससी की तर्ज पर ही पीएससी परीक्षा कराने का वादा किया था, लेकिन पिछले दो वर्षों से परीक्षाओं में गड़बड़ी हो रही है।
इसके अलावा उन्होंने तारा कोल ब्लॉक के मामले पर भी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया, कि आदिवासियों के जल, जंगल और जमीन को नीलाम किया जा रहा है। उन्होंने दावा किया, कि तारा कोल ब्लॉक में खनन होने पर 10 लाख से अधिक पेड़ों की कटाई होगी, जिससे हाथियों के विचरण मार्ग पर इसका गंभीर असर पड़ेगा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस शासनकाल में तारा कोल ब्लॉक को नीलामी से बाहर रखने की मांग की गई थी, जबकि वर्तमान सरकार ने केन्द्र सरकार को इसकी नीलामी के लिए पत्र लिखा है।