

Copyright © 2026 rights reserved by Inkquest Media
अन्य समाचार

MP Politics: Digvijay Singh's controversial statement on the word Hindu, saying, Hindu is not a religion, it is an identity,
भोपाल। अपने बयानों को लेकर अक्सर सुर्खियों में रहने वाले मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह एक बार फिर राजनीतिक बहस के केंद्र में आ गए हैं। इस बार उन्होंने “हिंदू” शब्द और हिंदुत्व को लेकर ऐसा बयान दिया है, जिस पर सियासी घमासान छिड़ गया है। दिग्विजय सिंह ने कहा है कि “हिंदू कोई धर्म नहीं, बल्कि एक पहचान है” और यह शब्द वैदिक नहीं, बल्कि फारसी मूल का है।
“हिंदू फारसी शब्द है, धर्म नहीं”- दिग्विजय सिंह
दिग्विजय सिंह ने अपने बयान में कहा कि भारत में मूल रूप से कोई “हिंदू” नहीं है। उन्होंने बताया कि “हिंदू” शब्द फारसी भाषा से आया है, जिसका प्रयोग सिंधु नदी के पार रहने वाले लोगों के लिए किया जाता था। यह शब्द संस्कृत के “सिंधु” से विकसित हुआ, जिसे फारसी और यूनानी लोगों ने अपनी भाषा में “हिंदू” बना दिया।
उन्होंने आगे कहा कि, शुरुआत में यह शब्द केवल एक भौगोलिक पहचान था, लेकिन मध्यकाल में यह धीरे-धीरे धार्मिक पहचान के रूप में प्रचलित हो गया। दिग्विजय सिंह ने जोर देते हुए कहा, “हम हिंदू नहीं, बल्कि सनातनी हैं। सनातन धर्म ही हमारी वास्तविक धार्मिक पहचान है।”
बयान के बाद गरमाई सियासत
दिग्विजय सिंह के इस बयान के सामने आते ही राजनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई। सोशल मीडिया पर भी यह बयान चर्चा का विषय बन गया। समर्थकों और विरोधियों के बीच तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। जहां कुछ लोगों ने इसे ऐतिहासिक संदर्भ से जोड़कर देखा, वहीं कई लोगों ने इसे हिंदू पहचान पर सवाल उठाने वाला बयान बताया।
भाजपा का तीखा पलटवार
पूर्व सीएम के बयान पर भाजपा ने कड़ा ऐतराज जताया है। भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा ने दिग्विजय सिंह पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि “दिग्विजय सिंह खुद हिंदू नहीं हैं, इसलिए वे ऐसी बातें करते हैं। उन्हें फारसी और इस्लाम का ज्यादा ज्ञान है।”
उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “दिग्विजय सिंह अपना कहीं ठिकाना पकड़ लें तो ज्यादा अच्छा है। हिंदुस्तानियों को ज्ञान न दें। ये भारत किसका देश है, ये सभी जानते हैं।”
“हिंदुस्तान का नाम तुम्हारे अब्बा ने नहीं रखा”
रामेश्वर शर्मा ने अपने बयान में और तीखे शब्दों का इस्तेमाल करते हुए कहा, “हिंदुस्तान का नाम तुम्हारे अब्बा ने नहीं लिखा है। अगर इस देश का नाम हिंदुस्तान है, तो यह हिंदुओं का स्थान है।” हालांकि उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि सनातन धर्म की अवधारणा सत्य है, लेकिन हिंदू शब्द भी इस देश की पहचान है। उन्होंने कहा, “सबके पुरखे हिंदू हैं। दिग्विजय सिंह को अपना इतिहास देख लेना चाहिए।”