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Diwali festivities boost the economy; GST and digital payments hit record highs.
नई दिल्ली : देश में दिवाली की खरीदारी और बाजारों में बढ़ी हलचल का असर अर्थव्यवस्था के प्रमुख आंकड़ों पर साफ दिखाई दिया है। अक्टूबर में वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) का संग्रह 2.31 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया। यह पिछले साल के इसी महीने की तुलना में 22.9 प्रतिशत अधिक है। उल्लेखनीय है कि 2025 में दिवाली अक्टूबर में थी, जबकि 2026 में यह नवंबर में मनाई जा रही है। इसके बावजूद इस साल अक्टूबर का जीएसटी संग्रह पिछले साल के दिवाली माह से भी अधिक रहा।जीएसटी लागू होने के बाद किसी एक महीने में दर्ज हुआ यह तीसरा सबसे बड़ा संग्रह है। त्योहारी मांग, कारोबार में तेजी और वस्तुओं की ऊंची कीमतों को इस बढ़ोतरी की प्रमुख वजह माना जा रहा है।
जीएसटी संग्रह में शीर्ष आंकड़े
रैंक महीना संग्रह
1 अप्रैल 2026 2,42,702 करोड़ रुपये
2 अप्रैल 2025 2,36,716 करोड़ रुपये
3 अक्टूबर 2026 2,31,290 करोड़ रुपये
4 जुलाई 2026 2,11,205 करोड़ रुपये
5 अप्रैल 2024 2,10,267 करोड़ रुपये
बाजार से जुड़े आंकड़ों के अनुसार, सालाना कारोबार का करीब 30 प्रतिशत हिस्सा दिवाली के आसपास होता है। टीवी, फ्रिज, वाहन और आभूषणों की बिक्री में त्योहारी अवधि की हिस्सेदारी लगभग 40 प्रतिशत तक पहुंच जाती है। इससे टैक्स संग्रह को भी मजबूती मिलती है।
यूपीआई से एक महीने में 31.53 लाख करोड़ रुपये का भुगतान
डिजिटल लेनदेन के मोर्चे पर भी अक्टूबर ने नया कीर्तिमान बनाया। यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआई) के जरिए महीनेभर में 31.53 लाख करोड़ रुपये के कुल 2,547 करोड़ लेनदेन हुए। पहली बार किसी एक महीने में यूपीआई ट्रांजेक्शन की संख्या 2,500 करोड़ के आंकड़े से आगे निकली।सितंबर की तुलना में अक्टूबर में लेनदेन की संख्या 5.8 प्रतिशत और भुगतान की कुल राशि 7.4 प्रतिशत बढ़ी। अब देश में यूपीआई के जरिए रोजाना औसतन एक लाख करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान हो रहा है।यह रिकॉर्ड ऐसे समय में बना है, जब यूपीआई पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट यानी एमडीआर को लेकर चर्चा जारी है।
त्योहारी ऑफर और ऑनलाइन बिक्री ने बढ़ाया डिजिटल भुगतान
अक्टूबर में त्योहारों के चलते बाजारों में खरीदारी बढ़ी। इसके साथ ही ई-कॉमर्स कंपनियों की सेल और ऑनलाइन ऑफर ने भी यूपीआई के इस्तेमाल को बढ़ावा दिया। छोटी दुकानों से लेकर बड़े शोरूम तक डिजिटल भुगतान का दायरा बढ़ने से लेनदेन के आंकड़ों में तेजी आई।
वाहन बाजार में भी रौनक, मारुति की रिकॉर्ड बिक्री
त्योहारी सीजन का असर ऑटोमोबाइल सेक्टर पर भी नजर आया। देश की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी मारुति सुजुकी ने अक्टूबर में 2.76 लाख वाहन बेचकर नया रिकॉर्ड बनाया। यह पिछले साल के इसी महीने के मुकाबले 25 प्रतिशत अधिक है।इसी अवधि में टाटा मोटर्स की यात्री वाहन बिक्री में 23 प्रतिशत और हुंडई की बिक्री में 17.7 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। महिंद्रा की एसयूवी बिक्री भी 2 प्रतिशत बढ़ी। कमर्शियल और इलेक्ट्रिक वाहनों की मांग में भी मजबूती बनी रही।
एक महीने में 31.75 लाख वाहनों का रजिस्ट्रेशन
वाहन पोर्टल के आंकड़ों के मुताबिक, अक्टूबर में देशभर में 31.75 लाख वाहनों का पंजीकरण हुआ। चालू वर्ष में अब तक कुल 2.69 करोड़ वाहन रजिस्टर्ड किए जा चुके है। यह पिछले साल की समान अवधि से 13.8 प्रतिशत अधिक है।वाहनों की बिक्री बढ़ने के पीछे त्योहारी मांग, नए मॉडल की पेशकश और इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों की लोकप्रियता को अहम कारण माना जा रहा है। कुल मिलाकर अक्टूबर के आंकड़े बताते है कि त्योहारों ने बाजार, डिजिटल भुगतान और ऑटोमोबाइल कारोबार को नई गति दी है।