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Does Sonu Nigam also use auto-tune? The singer himself makes a big revelation.
नई दिल्ली। भारतीय संगीत जगत के दिग्गज गायक सोनू निगम ने ऑटो-ट्यून और आधुनिक रिकॉर्डिंग तकनीक को लेकर बड़ा खुलासा किया है। ट्रेड एनालिस्ट कोमल नाहटा के पॉडकास्ट ‘गेम चेंजर्स: द म्यूज़िक सीरीज़’ में पहुंचे सोनू निगम ने बताया कि वह भी अपने कुछ गानों में ऑटो-ट्यून का इस्तेमाल करते हैं। हालांकि, उन्होंने इसके इस्तेमाल की एक स्पष्ट सीमा भी बताई।
सोनू निगम ने कहा कि ऑटो-ट्यून को लेकर अक्सर नकारात्मक बातें की जाती हैं, लेकिन उनके मुताबिक इस तकनीक ने संगीत की दुनिया में कई बदलाव किए हैं। उन्होंने बताया कि अपनी ट्रेनिंग के दौर में उन्होंने बिना ऑटो-ट्यून के गायकी सीखी और इसी वजह से आज उन्हें इस तकनीक पर निर्भर रहने की जरूरत नहीं पड़ती। हालांकि, उन्होंने साफ तौर पर स्वीकार किया कि वह अपने कुछ गानों में ऑटो-ट्यून का इस्तेमाल करते हैं।
सोनू निगम ने पुराने दौर और आज की डिजिटल रिकॉर्डिंग के बीच अंतर समझाते हुए कहा कि पहले गाने लाइव ऑर्केस्ट्रा के साथ रिकॉर्ड किए जाते थे। सारंगी, स्ट्रिंग्स और दूसरे इंस्ट्रूमेंट्स के लाइव इस्तेमाल के कारण गायकों को संगीत के साथ स्वाभाविक रूप से तालमेल बैठाने का मौका मिलता था।
उनके मुताबिक, आज रिकॉर्डिंग का पूरा सिस्टम डिजिटल हो चुका है और हर चीज एक निश्चित पिच पर सेट की जाती है। ऐसे में अगर किसी गायक की आवाज थोड़ी भी रॉ या पिच से अलग हो, तो वह बाकी संगीत से अलग सुनाई दे सकती है।
ऑटो-ट्यून के सही इस्तेमाल को लेकर सोनू निगम ने बेहद महत्वपूर्ण बात कही। उन्होंने कहा कि इस तकनीक का इस्तेमाल ऐसे व्यक्ति की आवाज को सुधारने के लिए नहीं होना चाहिए, जो वास्तव में गा ही नहीं सकता।
सोनू के मुताबिक, गायक को अपनी तरफ से 99 प्रतिशत देना चाहिए और ऑटो-ट्यून के जरिए उसे 100 प्रतिशत तक बेहतर किया जा सकता है। यानी तकनीक का इस्तेमाल गायकी का विकल्प बनने के बजाय उसे निखारने के लिए होना चाहिए।
सोनू निगम ने यह भी कहा कि कई अभिनेता अपने गानों में ऑटो-ट्यून का इस्तेमाल करते हैं। अगर कोई अभिनेता अपने गायकी के सपने को पूरा करने के लिए इस तकनीक की मदद लेता है, तो इसमें कोई परेशानी नहीं है।
हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि ऑटो-ट्यून की मदद से अभिनेता सिंगर्स की जगह नहीं ले सकते। उनके अनुसार, तकनीक किसी कलाकार की कमी को पूरी तरह से छिपाने का माध्यम नहीं बननी चाहिए।
दशकों से भारतीय फिल्म संगीत का हिस्सा रहे सोनू निगम ने उस दौर से लेकर डिजिटल युग तक संगीत रिकॉर्डिंग में आए बड़े बदलावों को करीब से देखा है। पहले जहां लाइव ऑर्केस्ट्रा के साथ रिकॉर्डिंग होती थी, वहीं अब तकनीक ने संगीत निर्माण और रिकॉर्डिंग की प्रक्रिया को काफी बदल दिया है।
उनकी बातों से यह स्पष्ट है कि वह आधुनिक तकनीक के खिलाफ नहीं हैं, बल्कि उसके संतुलित और सही इस्तेमाल के पक्षधर हैं।
ट्रेड एनालिस्ट कोमल नाहटा की ‘गेम चेंजर्स: द म्यूज़िक सीरीज़’ में संगीत जगत से जुड़े मशहूर सिंगर्स, कंपोज़र्स और दिग्गज अपनी क्रिएटिव जर्नी, प्रेरणाओं और संगीत से जुड़े अनसुने अनुभव साझा कर रहे हैं।
सीरीज़ के इस एपिसोड में सोनू निगम ने न सिर्फ ऑटो-ट्यून पर अपनी राय रखी, बल्कि पुराने और नए संगीत के बीच बदलती रिकॉर्डिंग तकनीक पर भी खुलकर बात की। ‘गेम चेंजर्स: द म्यूज़िक सीरीज़’ का यह एपिसोड YouTube पर देखा जा सकता है।