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Drug traders' uproar against deep discounts of online companies
रायपुर। देशभर के दवा व्यापारियों ने केंद्र सरकार की नीतियों और कॉर्पोरेट घरानों की 'अनैतिक' व्यापार नीतियों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। आज भारत के 28 राज्यों, 864 जिलों और 7 केंद्र शासित प्रदेशों में दवा दुकानों का पूर्ण और शांतिपूर्ण बंद रखा गया। इस देशव्यापी आंदोलन का नेतृत्व कर रहे संगठन के प्रदेश महासचिव अविनाश अग्रवाल ने सरकार को दो टूक चेतावनी दी है कि यदि उनकी माँगें पूरी नहीं हुईं, तो यह आंदोलन अनिश्चितकालीन हड़ताल में बदल जाएगा।
अविनाश अग्रवाल के अनुसार, दवा व्यापारी लंबे समय से अपनी जायज माँगों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं। उनकी मुख्य माँगें निम्नलिखित हैं।
GSR 220 और GSR 817 का विरोध।
सरकार द्वारा लाए गए इन नियमों को वापस लेने की माँग।
बड़े कॉर्पोरेट घरानों द्वारा दवा बाजार में अनैतिक रूप से दिए जा रहे 'डीप डिस्काउंट' (भारी छूट) पर रोक लगाई जाए, जिससे छोटे दुकानदारों की रोजी-रोटी सुरक्षित रह सके।
दवा व्यापारियों ने अपनी माँगों को लेकर 8 अप्रैल 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा, गृह मंत्री अमित शाह, केंद्रीय सचिव और ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (DCGI) को ज्ञापन सौंपा था। व्यापारियों का कहना है कि सरकार को इस पर तत्काल विचार करना चाहिए।
जब मीडिया ने इस हड़ताल से होने वाले नुकसान के बारे में पूछा, तो प्रदेश महासचिव अविनाश अग्रवाल ने बताया:
"आज का यह बंद पूरी तरह शांतिपूर्ण और सांकेतिक था। लेकिन सिर्फ छत्तीसगढ़ प्रदेश की बात करें, तो आज एक दिन की हड़ताल से कम से कम 500 करोड़ रुपये का व्यापार प्रभावित हुआ है।
उन्होंने आगे कहा आज हम लोग पूरे हिंदुस्तान में, प्रदेश में, हिंदुस्तान में... आज भारत के 28 स्टेट, 864 जिले एवं 7 केंद्र शासित प्रदेश, यहाँ पर हमारी संख्या 12.5 लाख है। हम लोग पूरा हिंदुस्तान का शांतिपूर्ण बंद हम लोग आज रखे हैं।
आज हमारी इस केंद्र सरकार से जो हमारी पुरानी माँगें हैं कि GSR 220 और GSR 817, और उसके बाद में जो कॉर्पोरेट्स वाले जो हमारे लाइन में आ रहे हैं, जो कि अनैतिक रूप से डीप डिस्काउंट का ये काम कर रहे हैं, उससे हमारे जो देश के छोटे-छोटे दुकानदार हैं, उनके ऊपर में रोजी-रोटी का भी संकट आ गया है। हम उसके खिलाफ केंद्र सरकार से हम लोग का विरोध है।
8 अप्रैल 2026 को हमने प्रधानमंत्री जी को भी पत्र लिखा है, केंद्र... केंद्र आपके जो मंत्री हैं हमारे नड्डा जी, उनको भी हमने लिखा, होम मिनिस्टर को भी लिखा है, हमारे सचिव को भी लिखा है, और ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया को भी लिखा है, पत्र दिया है कि ये हमारी जो माँगें हैं, ये जायज माँगें हैं। इस पर विचार करके आप इसको तत्काल वापस लें।
अगर नहीं वापस होता, तो हमारे पास में आंदोलन के सिवा और कोई रास्ता नहीं होगा। आज तो सांकेतिक एक दिन का बंद है, अगर हमारी बातें नहीं मानी गईं, आगे अनिश्चितकालीन बंद करके हमारी दुकानें की चाबियाँ हम सरकार को सौंप देंगे।"