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ED tightens the noose on Vikas Garg in the Mahadev online betting app case; assets worth ₹4,000 crore seized so far.
रायपुर। महादेव ऑनलाइन बुक, स्काईएक्सचेंज और अन्य अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी नेटवर्क से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए EbixCash के चेयरमैन विकास गर्ग को गिरफ्तार कर लिया है। जांच एजेंसी ने बताया कि इस मामले में अब तक करीब 4,000 करोड़ रुपये की चल और अचल संपत्तियां अटैच, जब्त या फ्रीज की जा चुकी हैं।
ED के अनुसार, विकास गर्ग को 14 जुलाई 2026 को नई दिल्ली में धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 की धारा 19 के तहत गिरफ्तार किया गया। इसके बाद उन्हें नई दिल्ली की विशेष PMLA अदालत में पेश किया गया, जहां से ट्रांजिट रिमांड मिलने के बाद 15 जुलाई को रायपुर की विशेष PMLA अदालत में पेश किया गया। अदालत ने उन्हें 24 जुलाई तक 10 दिनों की ED हिरासत में भेज दिया है।
ED की जांच में सामने आया है कि महादेव ऑनलाइन बुक और स्काईएक्सचेंज का सट्टेबाजी सिंडिकेट विदेश से संचालित फ्रेंचाइजी आधारित पैनल नेटवर्क के जरिए काम करता था। एजेंसी के अनुसार, इस नेटवर्क से हर महीने 450 करोड़ रुपये से अधिक की अवैध कमाई होती थी, जिसे विभिन्न माध्यमों से मनी लॉन्ड्रिंग कर वैध बनाया जाता था।
जांच एजेंसी के मुताबिक, अवैध कमाई को शेल कंपनियों के जरिए कैश के बदले एंट्री देकर और दुबई, मॉरीशस तथा यूनाइटेड किंगडम स्थित कंपनियों के माध्यम से QIP, FPI, FDI और FCCB जैसे निवेश मार्गों से वैध दिखाया गया। ED का आरोप है कि यह धन विकास गर्ग के नियंत्रण वाली सूचीबद्ध और गैर-सूचीबद्ध कंपनियों में लगाया गया।
ED के अनुसार, कथित अवैध धन का इस्तेमाल अमेरिका की कंपनी EBIX Inc. में 97.58 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीदने के अलावा भारत और विदेशों में शेयर, सिक्योरिटीज और अन्य परिसंपत्तियां बनाने में भी किया गया।
जांच के दौरान 5 जून 2026 को ED ने एक प्रोविजनल अटैचमेंट ऑर्डर जारी कर विकास गर्ग, उनके परिवार के सदस्यों और उनके नियंत्रण वाली कंपनियों की 940.77 करोड़ रुपये मूल्य की संपत्तियां अटैच की थीं। इनमें आवासीय संपत्तियां, भूमि, इक्विटी शेयर और अन्य वित्तीय परिसंपत्तियां शामिल थीं।
ED ने यह जांच छत्तीसगढ़ के दुर्ग में दर्ज एफआईआर के साथ-साथ आंध्र प्रदेश, पश्चिम बंगाल सहित विभिन्न राज्यों में दर्ज मामलों के आधार पर शुरू की थी। इन मामलों में ऑनलाइन सट्टेबाजी प्लेटफॉर्म के संचालकों, प्रमोटरों और सहयोगियों पर आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी और जालसाजी के आरोप लगाए गए हैं।
ED ने बताया कि इस मामले में अब तक सात प्रोविजनल अटैचमेंट ऑर्डर जारी किए जा चुके हैं और विशेष PMLA अदालत में कई अभियोजन शिकायतें भी दाखिल की गई हैं। अदालत मनी लॉन्ड्रिंग के अपराध का संज्ञान ले चुकी है। एजेंसी के अनुसार, अब तक करीब 4,000 करोड़ रुपये की चल और अचल संपत्तियां, जिनमें विदेशी संपत्तियां भी शामिल हैं, अटैच या फ्रीज की जा चुकी हैं। मामले में आगे की जांच जारी है।