

Copyright © 2026 rights reserved by Inkquest Media
अन्य समाचार

EOW takes major action in Raipur over ₹183 crore overtime scam, liquor company vice president arrested
रायपुर। 183 करोड़ रुपये के ओवरटाइम भुगतान घोटाले ने एक बार फिर सुर्खियां बटोर ली हैं। इस मामले में जांच कर रही आर्थिक अपराध शाखा ने बड़ी कार्रवाई करते हुए शराब निर्माता कंपनी से जुड़े वरिष्ठ अधिकारी को गिरफ्तार किया है।
इस मामले में छत्तीसगढ़ डिस्टिलरीज़ लिमिटेड के वाइस प्रेसिडेंट (मार्केटिंग) एन उदय राव को गिरफ्तार कर चार दिन की पुलिस रिमांड पर लिया गया है। जांच एजेंसी का दावा है कि मैनपावर सप्लाई, बिलिंग और भुगतान व्यवस्था में उनकी अहम भूमिका थी।
इससे पहले गिरफ्तार किए गए कई आरोपियों में डायरेक्टर अजय लोहिया, अजीत अमित मित्तल, राजीव द्विवेदी, संजीव जैन और चार्टर्ड अकाउंटेंट नीरज चौधरी को अदालत ने जेल भेज दिया है।
जांच में सामने आया है कि छत्तीसगढ़ राज्य विपणन निगम लिमिटेड में मैनपावर सप्लाई का ठेका कागजों पर एक एजेंसी के नाम दर्ज था, लेकिन वास्तविक संचालन और भुगतान व्यवस्था अलग तरीके से संचालित हो रही थी।
रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2019-20 से 2023-24 के बीच फर्जी बिलिंग के जरिए करीब 182.98 करोड़ रुपये का अतिरिक्त भुगतान किया गया। इसमें ओवरटाइम, बोनस, सर्विस चार्ज और अतिरिक्त कार्य दिवसों के नाम पर बड़ी राशि दिखाई गई।
जांच एजेंसी का आरोप है कि फर्जी बिलों के जरिए निकाली गई रकम का एक बड़ा हिस्सा शराब सिंडिकेट तक पहुंचता था। इसमें पूर्व एमडी अरुणपति त्रिपाठी और अनवर ढेबर के नाम भी जांच के दायरे में हैं, जो पहले से ही जेल में बंद बताए जा रहे हैं।
एन उदय राव पर आरोप है कि वे मैनपावर एजेंसियों और भुगतान व्यवस्था के बीच समन्वय की भूमिका निभाते थे और फर्जी बिलिंग प्रक्रिया में सहयोग करते थे।
ईओडब्ल्यू की कार्रवाई के बाद अब जांच एजेंसी डिजिटल रिकॉर्ड, बैंक ट्रांजेक्शन और कंपनियों के बीच वित्तीय लेनदेन की गहन जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में इस मामले में और भी बड़े नाम सामने आ सकते हैं।